NDTV Khabar

मैन बुकर पुरस्कार: 'मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस' ने बनाया अरुंधती को दौड़ में आगे...

मैन बुकर पुरस्कार-2017 के लिए चयनित सूची में पुलित्जर, कोस्टा, बेलीज, फोलियो और इम्पैक जैसे बेहद प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाले साहित्यकार शामिल हैं.

8 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
मैन बुकर पुरस्कार: 'मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस' ने बनाया अरुंधती को दौड़ में आगे...
अपने पहले उपन्यास 'द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स' के लिए 22 साल पहले प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 'मैन बुकर' पाने वाली लेखिका अरुंधति रॉय इसी साल आए अपने दूसरे उपन्यास 'मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस' के लिए भी इस पुरस्कार की सूची में सबसे आगे चल रही है. मीडिया में गुरुवार को आई खबरों से यह जानकारी मिली. मैन बुकर पुरस्कार-2017 के लिए चयनित सूची में पुलित्जर, कोस्टा, बेलीज, फोलियो और इम्पैक जैसे बेहद प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाले साहित्यकार शामिल हैं, लेकिन अरुंधति एकमात्र ऐसी साहित्यकार हैं, जो पहले भी यह पुरस्कार पा चुकी हैं.

समाचार-पत्र 'द गार्जियन' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, अरुंधति की नई पुस्तक एक ट्रांसजेंडर महिला के बारे में है और समालोचकों ने उनकी इस पुस्तक को 'बेहद समृद्ध और अहम पुस्तक' कहा है.

मैन बुकर पुरस्कार के निर्णायक मंडल ने 150 पुस्तकों में से चार ऐसे रचनाकारों को भी सूचीबद्ध किया है, जो इससे पहले बुकर पुरस्कार के लिए नामांकित तो हुए हों, लेकिन पुरस्कार जीता न हो.

50,000 पाउंड इनामी राशि वाले पुरस्कार के लिए नामांकित अन्य रचनाकारों में अली स्मिथ, जेडी स्मिथ, सेबास्टियन बैरी और मोहसिन हामिद भी शामिल हैं.

निर्णायक मंडल अब तक चयनित 13 पुस्तकों का अध्ययन कर उसमें से छह पुस्तकों की एक छोटी सूची तैयार करेंगे, जिसकी घोषणा 13 सितंबर को की जाएगी. विजेता की घोषणा 17 अक्टूबर को की जाएगी.

पिछले वर्ष अमेरिकी लेखक पॉल बीटी को उनकी पुस्तक 'द सेलआउट' के लिए बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया था. पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद से बीटी के उपन्यास की 360,000 प्रतियां बिक चुकी हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement