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साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा

14 नवंबर को होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार के रूप में विजेताओं को अलग-अलग 50,000 रुपये का चेक तथा ताम्र पट्टिका प्रदान की जाएगी. प्रतिम बरुआ को उनकी असमी कविता तथा बिजित ग्वारा रामचियारी को उनके बोडो लेखन के लिए पुरस्कार मिला है.

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साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा
साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2017 में इस बार क्षेत्रीय भाषा के कवियों ने बाजी मारी है. इस साल कविता की 16 पुस्तकों, पांच लघु कथाओं तथा दो जीवनी तथा एक निबंध को यह पुरस्कार दिया गया है. 14 नवंबर को होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार के रूप में विजेताओं को अलग-अलग 50,000 रुपये का चेक तथा ताम्र पट्टिका प्रदान की जाएगी. प्रतिम बरुआ को उनकी असमी कविता तथा बिजित ग्वारा रामचियारी को उनके बोडो लेखन के लिए पुरस्कार मिला है.

पुरस्कार पाने वाले अन्य कवियों में राजेंद्र रांझा (डोंगरी), तारो सिंदिक झा (हिंदी), केएच.कृष्णमोहन सिन्हा (मणिपुरी), निकहत साहिबा (कश्मीरी) तथा अमेय विश्राम नायक (कोंकणी) शामिल हैं.

इसके अलावा, चंदन कुमार झा (मैथिली), सरन मुस्कान (नेपाली), सूर्यस्नाता त्रिपाठी (उड़िया), हरमन (पंजाबी), हेमचंद्र बेलवाल (संस्कृत), मैना टुडू (संथाली), रेखा सचदेव पोहानी (सिंधी), जे.जयाभारती (तमिल) तथा मर्सी मारग्रेट (तेलुगू) को भी पुरस्कार मिला है.

लेखक मनु एस.पिल्लई को अंग्रेजी के लिए, जबकि रशीद अशरफ खान को उर्दू तथा लेखक राहुल कोसांबी ने निबंध के लिए पुरस्कार जीता है. बंगाली लेखक शामिक घोष को लघु कथा लेखन के लिए, जबकि रामी मोरी को गुजराती के लिए पुरस्कृत किया गया है.

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अन्य लेखकों में शांति के.अप्पाना को कन्नड़ में लघु कथा, अवस्थी शशिकुमार को मलायम तथा उम्मेद धानिया को राजस्थानी के लिए पुरस्कृत किया गया है.

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट
 


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