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त्रिलोचन जन्म शताब्दी के मौके पर दो दिवसीय संगोष्ठी...

सादगी और सहजता के साथ स्पष्ट अभिव्यक्ति उनकी रचनाशीलता की विशेषता रही है. वे जितने अपनी धरती, लोक संस्कृति और परंपरा के जानकार थे, उतने ही शास्त्र के ज्ञाता भी थे.

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त्रिलोचन जन्म शताब्दी के मौके पर दो दिवसीय संगोष्ठी...
साहित्य अकादमी प्रसिद्ध हिंदी कवि त्रिलोचन की जन्म शताब्दी के अवसर पर 21 व 22 अगस्त को दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन कर रही है. साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन प्रख्यात हिंदी कवि केदारनाथ सिंह करेंगे. त्रिलोचन ने अपनी रचनाओं से हिंदी साहित्य और कविता को नई शक्ति और अर्थवत्ता प्रदान की. उनका साहित्य, भारतीय साहित्य की धरोहर है. सादगी और सहजता के साथ स्पष्ट अभिव्यक्ति उनकी रचनाशीलता की विशेषता रही है. वे जितने अपनी धरती, लोक संस्कृति और परंपरा के जानकार थे, उतने ही शास्त्र के ज्ञाता भी थे. 

श्रीनिवासराव ने बताया, "21 अगस्त को 11 बजे संगोष्ठी का उद्घाटन प्रख्यात हिंदी कवि और साहित्य अकादमी के महत्तर सदस्य केदारनाथ सिंह करेंगे. विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रख्यात हिंदी कवि एवं कथाकार रामदरश मिश्र होंगे. प्रख्यात आलोचक और साहित्य अकादेमी के हिंदी परामर्श मंडल के संयोजक सूर्य प्रसाद दीक्षित बीज वक्तव्य देंगे."

 
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उन्होंने कहा, "कार्यक्रम का पहला विचार सत्र 'त्रिलोचन का काव्य और उनका सौंदर्यबोध' विषय पर केंद्रित होगा. इस सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध आलोचक राजेंद्र प्रसाद करेंगे. इस सत्र में अष्टभुजा शुक्ल, गोविंद प्रसाद, तरुण कुमार और अरविंद त्रिपाठी अपने आलेख प्रस्तुत करेंगे."

सचिव ने कहा, "22 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला दूसरा सत्र त्रिलोचन के गद्य पर केंद्रित होगा, जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात विद्वान और केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक नंद किशोर पांडेय करेंगे. इस सत्र में कौशलनाथ उपाध्याय, करुणा शंकर उपाध्याय और आनंद प्रकाश त्रिपाठी के आलेख प्रस्तुत किए जाएंगे."

उन्होंने कहा, "तीसरा सत्र त्रिलोचन की स्मृति को समर्पित है, जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात आलोचक एवं ख्यातिप्राप्त संपादक कमलनयन पांडेय करेंगे. राम कुमार कृषक, अमित प्रकाश सिंह और श्याम सुशील अपने संस्मरण साझा करेंगे. अंतिम सत्र त्रिलोचन के साहित्यिक अवदान पर केंद्रित होगा. इस सत्र की अध्यक्षता प्रख्यात आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी करेंगे. अनामिका और ओम निश्चल अपने आलेख प्रस्तुत करेंगे."


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