ब्रिटिश भारतीय लेखिका अनिता आनंद की कहानी जालियांवाला बाग को मिला इतिहास साहित्य पुरस्कार

ब्रिटिश भारतीय पत्रकार और लेखिका अनिता आनंद की किताब ‘‘ द पेशेंट असैसिन : ए ट्र टेल ऑफ मैसकर, रिवेंज ऐंड द राज’’ को यहां का प्रतिष्ठित इतिहास साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया है.

ब्रिटिश भारतीय लेखिका अनिता आनंद की कहानी जालियांवाला बाग को मिला इतिहास साहित्य पुरस्कार

ब्रिटिश भारतीय लेखिका अनिता आनंद की कहानी जालियांवाला बाग को मिला इतिहास साहित्य पुरस्कार

लंदन:

ब्रिटिश भारतीय पत्रकार और लेखिका अनिता आनंद की किताब ‘‘ द पेशेंट असैसिन : ए ट्र टेल ऑफ मैसकर, रिवेंज ऐंड द राज'' को यहां का प्रतिष्ठित इतिहास साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया है. उल्लेखनीय है कि इस किताब में उन्होंने वर्ष 1919 में अमृतसर के जालियांवाला बाग में हुए नरसंहार से घिरे एक युवक (क्रांतिकारी उधम सिंह)की कहानी को पिरोया है. आनंद ने छह दावेदारों को मात देकर इतिहास के लिए प्रतिष्ठित ‘पेन हैसल-टिल्टमैन प्राइज-2020' अपने नाम की. यह पुरास्कार हर साल वास्तविक घटनाओं खासतौर पर इतिहास से जुड़े तथ्यों के आधार पर लिखी पुस्तकों को दिया जाता है. विजेता को चुनने वाली चयनसमिति ने इसे मौलिक ऐतहासिक लेख करार दिया जिसे आने वाले दशकों तक पढ़ा जाएगा.

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उल्लेखनीय है कि आनंद राजनीतक पत्रकार हैं और पिछले 20 साल से बीबीसी पर टेलीविजन और रेडियो कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही हैं. पुरस्कार जीतने के बाद आनंद ने कहा कि कई प्रतिष्ठित इतिहासकारों की शानदार किताब में से उनकी किताब को विजेता घोषित करना सम्मान की बात है. उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय तक के लिए तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ. ‘पेशेंट असैसिन' मेरे दिल के बहुत करीब है. जालियांवाला बाग कांड पर कहानी लिखने के लिए परिवार के इससे जुड़ाव को धन्यवाद देती हूं. मैं नरसंहार और उधमसिंह के बदले का इतिहास लिखना चाहती थी जो ब्रिटिश राज के प्रतिकार के प्रतीक बन गए हैं और फिल्म और टेलीविजन में बहुत लोकप्रिय हैं.''

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)