इस बार जयपुर में समानांतर साहित्य उत्सव में गांधी और युवाओं पर होंगे विशेष सत्र

इस सम्मेलन में देश भर से हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं के तीन सौ लेखकों वक्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है. वहीं PLF का आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ साहित्य के बाजारीकरण के विरुद्ध मुहिम के रूप में कर रहा है. इसके आयोजन का यह तीसरा साल है.

इस बार जयपुर में समानांतर साहित्य उत्सव में गांधी और युवाओं पर होंगे विशेष सत्र

राजस्थान की राजधानी जयपुर में तीन दिवसीय समानांतर साहित्य उत्सव का हो रहा है आयोजन

खास बातें

  • जयपुर में एक बार फिर साहित्य प्रेमियों की महफिल जमने जा रही है
  • इसी महीने तीन दिवसीय समानांतर साहित्य उत्सव का आयोजन होगा
  • PLF में महात्मा गांधी और युवाओं पर विशेष सत्र होंगे
जयपुर:

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर साहित्य प्रेमियों की महफिल जमने जा रही है, जहां इसी महीने तीन दिवसीय समानांतर साहित्य उत्सव (PLF) का आयोजन होगा. इस बार के PLF में महात्मा गांधी और युवाओं पर विशेष सत्र होंगे. साथ ही युवाओं के लिए एक नवोन्मेष मंच होगा जिसमें स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी कभी भी आकर रचना पाठ कर सकेंगे. बता दें, इस सम्मेलन में देश भर से हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं के तीन सौ लेखकों वक्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है. वहीं PLF का आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ साहित्य के बाजारीकरण के विरुद्ध मुहिम के रूप में कर रहा है. इसके आयोजन का यह तीसरा साल है.

आमतौर पर इसका आयोजन जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल (JLF) के साथ किया जाता है, लेकिन इस बार यह लगभग एक महीने बाद 21 से 23 फरवरी को होगा. इस बार आयोजन स्थल भी रविंद्र मंच के बजाय जवाहर कला केंद्र का शिल्पग्राम होगा. संघ के मुख्य संयोजक ईशमधु तलवार ने बताया कि इस बार PLF में पांच मंचों पर लगभग सौ सत्र तीन दिन में आयोजित किए जाएंगे. इनमें महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष के मद्देनजर तथा युवाओं को साहित्य से जोड़ने की कोशिश के तहत विशेष सत्र होंगे. इनमें साहित्य और कला संस्कृति के साथ साथ समाज तथा राजनीति से जुड़े तमाम मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

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इसके साथ ही इस बार एक नवोन्मेष मंच बनाया जाएगा जिसमें विद्यार्थी वर्ग कभी भी आकर अपनी रचना पढ़ सकता है. उन्होंने बताया कि आयोजन में हिंदी के साथ साथ पंजाबी, सिंधी, गुजराती, मराठी, असमिया, मणिपुरी तथा कोंकणी जैसी भारतीय भाषाओं के लेखक भाग ले रहे हैं. नेपाल और बांग्लादेश के लेखकों के संवाद सत्र भी होंगे. देश भर के चर्चित कहानीकार, गीतकार तथा कवि इस आयोजन में भागीदारी कर रहे हैं जिनमें राजेश जोशी, मंगलेश डबराल, नरेश सक्सेना, उदय प्रकाश, जितेंद्र अरोड़ा और ममता कालिया भी शामिल हैं. इसके अलावा इस बार कन्हैयालाल सेठिया, कैफी आजमी और मजरूह सुल्तानपुरी पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)