AFSPA पर कांग्रेस VS बीजेपी: निर्मला सीतारमण बोलीं- उनका घोषणापत्र खतरनाक, यह सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ेगा

AFSPA पर कांग्रेस बनाम बीजेपी: निर्मला सीतारमण बोलीं- यह सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ेगा

AFSPA पर कांग्रेस VS बीजेपी: निर्मला सीतारमण बोलीं- उनका घोषणापत्र खतरनाक, यह सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ेगा

निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस के घोषणा-पत्र को लेकर बीजेपी ने एक बार फिर से हमला किया है. बीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफ्स्पा (AFSPA )को लेकर कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में जो अफ्स्पा कानून में समीक्षा की बात कही गई है, यह सुरक्षाबलों के मनोबल को तोड़ेगा. उन्होंने कहा कि देशद्रोहियों, अलगाववादियों को समर्थन देने के लिए घोषणापत्र लाई है कांग्रेस.

बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार को अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया कि सत्ता में आने पर सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम (AFSPA) की समीक्षा की जाएगी. कांग्रेस के इस वादे ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है.

बीजेपी ने इससे पहले भी इस पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी खतरनाक वादे कर रही है और उसके मेनिफेस्टो में ऐसा अजेंडा है जो देश को तोड़ने का काम करते हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस संबंध में कहा कि राहुल गांधी के दोस्तों ने जो मेनिफेस्टो बनाया है वह जम्मू-कश्मीर और राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर सही नहीं है. उन्होंने कहा कि  राहुल गांधी ने कहा कि वह जो वादे करते हैं उसे लागू करते हैं. इस मेनिफेस्टो में ऐसे एजेंडे हैं जो देश को तोड़ने का काम करते हैं. यह राष्ट्र की एकता के खिलाफ जाते हैं. जो कांग्रेस पार्टी और नेहरू गांधी परिवार ने जम्मू-कश्मीर को लेकर जो निर्णय लिया था वह ऐतिहासिक भूल थी. उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं कर सतका है. उस एजेंडो को और खतरनाक तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है.

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया कि वह सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफ्सपा) 1958 में 'सुरक्षा बलों के अधिकारों और नागरिकों के मानवाधिकारों में संतुलन बनाने के लिए संशोधन करेगी और जबरन लापता किए जाने, यौन हिंसा और यातना में मिली छूट (इम्युनिटी) को हटाएगी.' बता दें कि इस कानून के तहत सेना को कुछ विशेष अधिकार मिले हैं. सेना किसी की गिरफ्तारी कर सकती है और हिंसा की स्थिति में फायरिंग भी कर सकती है.

कांग्रेस ने मंगलवार को जारी अपने घोषणा-पत्र में विधि एवं न्यायपालिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का भी वादा किया. इनमें विवादास्पद राजद्रोह कानून रद्द करना भी शामिल है. पार्टी ने इसके साथ ही मानहानि को दीवानी मामले बनाने, न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय विधि आयोग (एनजेसी) बनाने, यातना देने से रोकने के लिए नया कानून बनाने, कुछ छूटों को खत्म करने के लिए अफ्सपा में संशोधन करने और बिना मुकदमे हिरासत में रखने के कानून में बदलाव का वादा किया.

VIDEO: उमर का बयान,कांग्रेस से सवाल

 
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