इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, 4 दिन के भीतर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष पर फैसला संभव: सूत्र

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने स्पष्ट रूप से पार्टी से कहा है कि वह पद छोड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हट रहे हैं. कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी को अंतिम बार मनाने की कोशिश की जाएगी और वैकल्पिक नाम पर चर्चा भी की जाएगी.

खास बातें

  • 4 दिन में हो सकती है CWC बैठक
  • CWC बैठक में होगा विकल्प पर ग़ौर
  • विकल्प की सलाह दे रहे राहुल गांधी
नई दिल्ली:

लोकसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं. सूत्रों ने NDTV को बताया कि कांग्रेस चार दिनों में अपनी कार्यसमिति (CWC) की एक और बैठक आयोजित करने की योजना बना रही है. सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने स्पष्ट रूप से पार्टी से कहा है कि वह पद छोड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हट रहे हैं. बैठक में राहुल गांधी को अंतिम बार मनाने की कोशिश की जाएगी, साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा. बता दें कि शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका का नाम भी आगे न बढ़ाया जाए. इससे पहले सोमवार को उन्होंने कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और अहमद पटेल से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे कहा कि आप मेरा विकल्प ढूंढ़ लीजिए, क्योंकि मैं इस्तीफा वापस नहीं लूंगा.

इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी तो CWC की बैठक में रो पड़े चिदंबरम, बोले- लोग सुसाइड कर सकते हैं

सूत्रों का यह भी कहना है कि सप्ताह भर से कांग्रेस नेता उन्हें मनाने में जुटे हैं और लेकिन राहुल गांधी ने अपना मन नहीं बदला. आधिकारिक तौर पर, पार्टी ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को 'सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया था.'

बता दें कि इस्तीफे की पेशकश के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को पहली बार ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी. ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, 'कई लोकतांत्रिक देशों ने भारत के समय ही आजादी पाई लेकिन जल्द ही तानाशाही में तब्दील हो गए. हम नेहरू जी की पुण्य तिथि पर मजबूत, स्वतंत्र, आधुनिक संस्थाएं बनाने में उनके योगदान को याद करते हैं जिनसे भारत में पिछले 70 वर्षों से लोकतंत्र के बने रहने में मदद मिली.' गौर करने वाली बात यह है कि टि्वटर पर उनका बायो उन्हें अभी भी 'कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष' बता रहा है. कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में इस्तीफे की उनकी पेशकश के बाद उनके टि्वटर का बायो पार्टी के कुछ नेताओं को सुकून दे रहा है. 

Newsbeep

इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, कहा- पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने बेटों को ही आगे बढ़ाने में लगे रहे

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


इससे पहले कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के ढीलेपन को लेकर उन पर निशाना साधा था. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने पार्टी से आगे अपने बेटों को रखा और उन्हें टिकट दिलाने के लिए दबाव बनाया. हालांकि, राहुल गांधी ने किसी का नाम नहीं किया, लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं के बेटे और बेटियों को हार का सामना करना पड़ा. इनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव शामिल हैं. जब राहुल गांधी ने बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी तो पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भावुक हो गए और उन्होंने कहा था कि अगर वह इस्तीफा देते हैं दक्षिण से कांग्रेस कार्यकर्ता सुसाइड कर सकते हैं.