Election 2019: कौन हैं अजय राय जिन्हें कांग्रेस ने PM मोदी के खिलाफ वाराणसी से दिया है टिकट? 

Election 2019: अजय राय (Ajay Rai) वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार होंगे. बता दें कि अजय राय का BJP से पुराना नाता रहा है.

Election 2019: कौन हैं अजय राय जिन्हें कांग्रेस ने PM मोदी के खिलाफ वाराणसी से दिया है टिकट? 

अजय राय ( Ajay Rai) को ग्रेस ने पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से टिकट दिया है.

खास बातें

  • अजय राय को कांग्रेस ने वाराणसी से दिया टिकट
  • पीएम मोदी के खिलाफ 2014 में भी लड़ चुके हैं चुनाव
  • वाराणसी में सपा ने शालिनी यादव को बनाया है उम्मीदवार
नई दिल्ली:

अजय राय (Ajay Rai) वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार होंगे. कांग्रेस ने तमाम अनिश्चितताओं पर विराम लगाते हुए अजय राय को वाराणसी लोकसभा सीट (Varanasi Lok Sabha constituency) से पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ टिकट दिया है. पहले से ऐसी उम्मीद थी कि पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को वाराणसी (Varanasi) से मैदान में उतारेगी. बता दें कि अजय राय 2014 लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उम्मीदवार थे. अजय राय (Ajay Rai News)  2014 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे. उन्हें 75,614 वोट मिले थे. वहीं, दूसरे स्थान पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल थे, जिन्हें 2,09,238 मत मिले थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5,81,022 वोट मिले थे. 

कौन हैं अजय राय (Who Is Ajay Rai)
अजय राय (Ajay Rai Congress) 5 बार विधायक रह चुके हैं और पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में ही थे. 2009 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय सीट से उनकी जगह बीजेपी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को टिकट दे दिया. इससे नाराज अजय राय ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था. उस साल उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था और तीसरे नंबर पर रहे थे. उस समय मुरली मनोहर जोशी की जीत हुई थी और बसपा के बाहुबली मुख्तार अंसारी को दूसरा स्थान मिला था. उस समय अजय राय को 1,23,874 मत मिले थे. बाद में अजय राय ने समाजवादी पार्टी भी छोड़ दी और निर्दलीय विधायक चुने गए. विधायक बनने के बाद अजय राय कांग्रेस में शामिल हो गए. 

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अजय राय (Ajay Rai News) उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय सीट की पिंडरा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अवधेश सिंह ने हरा दिया था. अजय राय (Ajay Rai) पूर्वाचल के बाहुबलियों में भी शुमार किए जाते हैं. जिले की यह एकलौती विधानसभा है, जिसका इतिहास काफी रोचक रहा है. कभी कोलअसला के नाम से बहुचर्चित यह सीट कम्युनिस्टों का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन सीपीआई नेता उदल के इस किले में अजय राय (Ajay Rai) ने ऐसी सेंध लगाई थी कि पिछले 20 वर्षों से उन्हें हराने में यहां कोई कामयाब नहीं हो पाया. दरअसल, वर्ष 2012 में हुए नए परिसीमन में कोलअसला का नाम बदलकर पिंडरा रख दिया गया. यह सीट भी वाराणसी संसदीय सीट के अंतर्गत ही आती है. 

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साल 1996 के विधानसभा चुनाव में अजय राय (Ajay Rai) ने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में ही उदल को नजदीकी मुकाबले में हराया था. वर्ष 1996 के बाद से ही अजय राय (Ajay Rai) ने इस विधानसभा सीट को एक सुरक्षित किले के रूप में तब्दील कर लिया. इसके बाद वर्ष 2002, 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीते. इसके बाद 2009 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीते. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के उम्मीदवार जय प्रकाश को हरा दिया. 

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पिंडरा विधानसभा  सीट उदल के नाम से ही जानी जाती थी, लेकिन अजय राय (Ajay Rai) ने पिछले पांच चुनावों में इस सीट से जीत हासिल की है. यहां इलाके के स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय राय (Ajay Rai) ने यहां के हर वर्ग के लिए काम किया है. समाज का हर वर्ग उन्हें पसंद करता है.

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बता दें कि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी सीट से इस बार शालिनी यादव (Shalini Yadav) को उम्मीदवार बनाया है. शालिनी यादव (Shalini Yadav) कांग्रेस के पूर्व सांसद और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति श्यामलाल यादव की पुत्रवधू हैं. शालिनी यादव कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं थीं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र 26 अप्रैल को दाखिल करेंगे. इस मौके पर उनके साथ जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित राजग के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. वाराणसी में अंतिम चरण में 19 मई को चुनाव होने हैं.

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