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Election Results 2019: प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में चौंकाया, क्या दूसरी बार भी 'साध्वी' की वजह से संन्यास लेंगे दिग्विजय सिंह?

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की वोटों की गिनती में अब तक मिले रूझानों में बीजेपी बहुमत हासिल करती दिख रही है. गुरुवार को देश में मतगणना की गई. भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह और प्रज्ञा ठाकुर चुनावी मैदान में हैं.

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Election Results 2019: प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में चौंकाया, क्या दूसरी बार भी 'साध्वी' की वजह से संन्यास लेंगे दिग्विजय सिंह?

Election Results: दिग्विजय सिंह और साध्वी प्रज्ञा

खास बातें

  1. प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी
  2. कांग्रेस से उम्मीदवार हैं दिग्विजय सिंह
  3. आमने-सामने हैं प्रज्ञा-दिग्विजय
नई दिल्ली:

Election Results 2019: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की वोटों की गिनती में अब तक मिले रूझानों में बीजेपी बहुमत हासिल करती दिख रही है. गुरुवार को देश में मतगणना की गई. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर बीजेपी संसदीय सीट पर कब्जा जमाती नजर आ रही है. संसदीय क्षेत्र भोपाल में भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के दोनों प्रत्याशी दिग्गज नेता हैं जिनका नाम भी राष्ट्रीय राजनीति में चमका हुआ है. कांग्रेस की तरफ से जहां विवादित बयान के लिए मशहूर दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) हैं, वहीं भाजपा ने मालेगांव ब्लास्ट में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा है. गौरतलब है कि पिछली बार भी दिग्गी राजा के नाम से मशहूर दिग्विजय सिंह के राजनीति से संन्यास लेने का कारण एक साध्वी ही थीं और इस बार भी आसार कुछ वैसे ही नजर आ रहे हैं. चुनावी रुझान की बात करें तो भोपाल सीट से साध्वी प्रज्ञा लगातार बढ़त बनाई हुई हैं. संभवतः यह दूसरा मौका होने वाला है जब दिग्गी राजा राजनीति से दोबारा दूर हो सकते हैं.

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रुझानों में भोपाल से आगे चल रहीं बीजेपी उम्‍मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, "निश्चित मेरी विजय होगी, मेरी विजय में धर्म की विजय होगी, अधर्म का नाश होगा. मैं भोपाल की जनता का आभार देती हूं."

2003 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने राजनीति से संन्यास ले लिया था, तब उन्होंने साध्वी उमा भारती से चुनाव हार जाने पर राजनीति छोड़ने की घोषणा की थी. उमा भारती जीतने के बाद मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं. हालांकि संन्यास से वापसी लेने के दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन यह रिकॉर्ड है कि भोपाल से लोकसभा चुनाव में 1989 के बाद कांग्रेस या किसी भी पार्टी का कोई नेता जीत दर्ज नहीं कर सका है. 30 साल बाद भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा का वर्चस्व खत्म करने के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को यह काम करने का जिम्मा सौंपा था और एक बार फिर वे साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से हारते नज़र आ रहे हैं.

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बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट की मुख्य आरोपी प्रज्ञा ठाकुर (48) इस केस में 9 साल की सजा भुगत चुकी हैं और लगभग तीन साल पहले उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी. फिलहाल महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्स या मकोका से उन्हें क्लीन चिट मिल गई है, लेकिन प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव ब्लास्ट के अन्य मामलों में अब भी आरोपी हैं. 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और 100 से ज़्यादा लोग जख्मी हुए थे. दिग्विजय सिंह भी राजनीति में अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं और इनके बयानों से कई बार कांग्रेस पार्टी को खासा नुकसान भी झेलना पड़ा है. दिग्विजय सिंह ने एक बयान में यह तक कह दिया था कि, मैं जहां जाता हूं वहां कांग्रेस के वोट कट जाते हैं.
 



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