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आसनसोल हिंसा पर बोलीं TMC प्रत्‍याशी मुनमुन सेन: मुझे कुछ नहीं पता, बेड टी देर से मिली इसलिए देर से उठी, बाबुल सुप्रियो का नाम मत लो

NDTV से बातचीत में मुनमुन सेन ने कहा, "उन्होंने मुझे बेड टी (सुबह की चाय) देर से दी, इसलिए मैं बहुत देर से उठी... क्या कह सकती हूं...? मुझे सचमुच कुछ भी नहीं पता..."

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कोलकाता:

एक तरफ लोकसभा चुनाव 2019 के चौथे चरण के दौरान सोमवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हिंसक झड़पों की ख़बरें मिल रही थीं, वहीं इसी सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी और पूर्व अभिनेत्री मुनमुन सेन ने कहा कि उन्होंने 'कुछ नहीं सुना', क्योंकि वह देर से सोकर उठी थीं. NDTV से बातचीत में मुनमुन सेन ने कहा, "उन्होंने मुझे बेड टी (सुबह की चाय) देर से दी, इसलिए मैं बहुत देर से उठी... क्या कह सकती हूं...? मुझे सचमुच कुछ भी नहीं पता..."

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सोमवार को कुछ पोलिंग बूथों पर BJP तथा राज्य में सत्तासीन TMC के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई थीं. आसनसोल लोकसभा सीट से BJP प्रत्याशी तथा मौजूदा सांसद बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर बूथों पर कब्ज़ा करने और लोगों को वोट नहीं डालने देने का आरोप लगाया था. हिंसा की घटना में उनकी कार पर भी हमला किया गया. वह उन इलाकों का दौरा करने कार पर निकले थे, जहां झड़पों की ख़बरें मिली थीं. उन्होंने पोलिंग बूथों के बारे में ट्वीट भी किए.


बाबुल सुप्रियो के आरोपो के बारे में पूछे जाने पर मुनमुन सेन ने कहा, "उनका नाम मत लीजिए... वरना मैं बात नहीं करूंगी..."

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जब इस ओर ध्यान दिलाया गया कि चुनाव के दौरान आमतौर पर होती ही रही है, 65-वर्षीय TMC प्रत्याशी मुनमुन सेन ने कहा, "आप उस वक्त बहुत छोटी रही होंगी, इसलिए नहीं देखा होगा, जब कम्युनिस्ट सत्ता में थे... वैसे, यह सिर्फ बंगाल में नहीं, सारे भारत में होता है..."

पिछले चुनाव में बांकुरा लोकसभा सीट से वामदलों के नौ बार के सांसद को हराने वाली, और 'जायंट किलर' का खिताब पाने वाली मुनमुन सेन ने कहा कि वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, "TMC ने सीट जीत ली है... अब देखिए, क्या होता है..."

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उन्होंने पिछले साल रामनवमी के जुलूस को लेकर हुए दंगों के बारे में बात करने से इंकार कर दिया, जिनकी वजह से ग्राउंड रिपोर्टों के मुताबिक, लोकसभा सीट के कुछ इलाके अलग-अलग बंट गए थे. मुनमुन सेन ने कहा, "मैं दंगों के दौरान वहां नहीं थी... आपको नहीं मालूम है, मैंने कितनी बैठकें की थीं... आपको नहीं पता है, मैं कितनी व्यस्त रही हूं..."

बाबुल सुप्रियो को लेकर फिर एक सवाल किया गया, और उन्होंने फिर कहा, "मैं उनका नाम नहीं सुनना चाहती, बस...", और चल दीं.



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