कमांडो भी रह चुके हैं जनरल वीके सिंह, जानिए कैसे हुई थी राजनीति में एंट्री

गाजियाबाद लोकसभा संसदीय क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं. लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और धोलाना हैं. जिसमें 4 सीट पर बीजेपी का कब्जा है.

कमांडो भी रह चुके हैं जनरल वीके सिंह, जानिए कैसे हुई थी राजनीति में एंट्री

lजनरल वीके सिंह ने गाजियाबाद सीट से पर्चा दाखिल कर दिया है

नई दिल्ली:

''भाजपा ही राष्‍ट्रहित में काम करने वाली पार्टी है और एक सैनिक के नाते 42 साल तक देश की रक्षा करने के बाद अब मैं इस पार्टी के जरिए देश की सेवा करना चाहता हूं.'' जनरल वी. के. सिंह 1 मार्च, 2014 को यह बयान देने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए. गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्‍मीदवार के रूप में चुनावी समर में उतरे और भारी बहुमत से जीतकर संसद में पहुंचे. उत्‍तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं. इस चुनाव में जनरल वी के सिंह को 7.58 लाख से ज्यादा वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर कांग्रेस थी जिसके उम्‍मीदवार राज बब्बर को 1.91 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर 1.73 लाख वोटों के साथ बसपा प्रत्याशी और चौथे पर 1.06 लाख वोट के साथ सपा प्रत्याशी थे. इस बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ बसपा और राष्ट्रीय लोकदल का महागठबंधन है. गठबंधन में यह सीट समाजवादी पार्टी को दी गई है. गाजियाबाद लोकसभा संसदीय क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं. लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और धोलाना हैं. जिसमें 4 सीट पर बीजेपी का कब्जा है. धोलाना सीट पर बहुजन समाज पार्टी का कब्जा है. भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा कर दी थी. एनडीए के पुराने सहयोगी नीतीश कुमार ने पहले ही एनडीए से नाता तोड़ लिया था. कुछ मतभेद और विरोध के बीच नरेंद्र मोदी बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार बना दिए गए थे. इससे पहले भारत की राजनीति में कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं हुई थी. घोटालों और भ्रष्‍टाचार की खबरों पर चर्चा आम थीं. अन्‍ना हजारे के अनशन ने कई संभावनाओं को जन्‍म दिया उनमें से एक था दिल्‍ली की राजनीति में अरविंद केजरीवाल का उदय. 

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और इसी आंदोलन के मंच पर भारतीय थल सेना के प्रमुख पद से 31 मई 2012 को सेवानिवृत्‍त होने के बाद जनरल विजय कुमार सिंह दिखे थे. बीजेपी में शामिल होने से पहले जनरल वीके सिंह हरियाणा की एक रैली में नरेंद्र मोदी के साथ मंच भी साझा किया.  परम विशिष्‍ट सेवा मेडल, अति विशिष्‍ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल प्राप्‍त करने वाले जनरल वीके सिंह पहले प्रशिक्ष‍ित कमांडो हैं जो सेना में जनरल के पद तक पहुंचे. वे पहले भारतीय थल सेना प्रमुख भी हैं जो सरकार को न्‍यायालय तक लेकर गए. जनरल वीके सिंह मूल रूप से राज्‍य हरियाणा के भिवानी जिले के बपोरा गांव से हैं. जनरल वीके सिंह की पढ़ाई बिड़ला पब्‍ल‍िक स्‍कूल, पिलानी, राजस्‍थान से हुई. उनकी नियुक्‍त‍ि राजपूत रेजीमेंट में हुई थी.

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गाजियाबाद लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी. सीट बनाए जाने के बाद 2009 में हुए चुनाव में बीजेपी के राजनाथ सिंह ने जीत दर्ज की थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे जबकि गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह को टिकट मिला था. जनरल वीके सिंह ने यहां से जीत दर्ज की. अब 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गाजियाबाद से बीजेपी ने जनरल वीके सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है. वह वर्तमान में यहां से सांसद हैं. सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन ने यहां से सुरेश बंसल को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने यहां से डॉली शर्मा को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की है. ऐसे में इस सीट पर होने वाला चुनावी संघर्ष देखने लायक होगा.

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