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हरियाणा : पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए आसान नहीं सोनीपत सीट, यह है कारण

कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सीधी लड़ाई बीजेपी के मौजूदा सांसद रमेश चंद कौशिक से

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खास बातें

  1. जेजेपी के उम्मीदवार ओम प्रकाश चौटाला के पोते दिग्विजय भी मैदान में
  2. भूपेंद्र हुड्डा के लिए परेशानी का सबब बने दिग्विजय चौटाला
  3. जाटों के वोट बंटें तो बीजेपी को सीधा फायदा मिलना संभव
सोनीपत:

हरियाणा में कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस बार सोनीपत से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. सोनीपत जाट बहुल सीट है. यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान ने भूपेंद्र हुड्डा को सोनीपत जिताने की जिम्मेदारी सौंपी है. भूपेंद्र हुड्डा की सीधी लड़ाई बीजेपी के मौजूदा सांसद रमेश चंद कौशिक से है जिन्हें बीजेपी ने फिर से मैदान में उतारा है.

भले ही भूपेंद्र हुड्डा की लड़ाई रमेश कौशिक से है लेकिन जेजेपी के उम्मीदवार और ओम प्रकाश चौटाला के पोते दिग्विजय चौटाला हुड्डा के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं जो कि भूपेंद्र हुड्डा को मिलने वाले जाट वोटों में सेंध लगा रहे हैं. हुड्डा और दिग्विजय चौटाला दोनों ही जाच बिरादरी से आते हैं. अगर सोनीपत में जाटों के वोट बंटें तो बीजेपी को इसका सीधा फायदा मिल सकता है. चुनाव प्रचार के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हुड्डा को बाहरी उम्मीदवार बताया तो भूपेंद्र हुड्डा सोनीपत को अपनी ससुराल बता रहे हैं. भूपेंद्र हुड्डा की पत्नी सोनीपत की रहने वाली हैं.

सोनीपत में लगभग 5.50 लाख जाट वोट हैं. यहां से जुड़ी हुई रोहतक सीट में लगभग साढ़े छह लाख जाट मतदाता हैं. सोनीपत में घूमने पर साफ़ पता चलता है कि मामला जाट बनाम गैर जाट का भी है. सोनीपत में लड़ाई 35 बनाम एक के रूप में भी सामने आ रही है. हरियाणा में सामाजिक रूप से 36 बिरादरी हैं, जिनमें जाट ब्राह्मण बनिया, दलित, पिछड़े आदि सभी जातियां हैं. जाट आंदोलन के बाद जाटों और अन्य बिरादरियों में खाई काफ़ी बढ़ गई है जिसका नुकसान भूपेंद्र हुड्डा को हो सकता है.


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दिग्विजय चौटाला हाल ही में हुए जींद विधानसभा के उपचुनाव में बीजेपी के किशन मिड्डा से सिर्फ़ 12000  वोटों से हारे थे. इसमें कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी. ऐसे में अगर दिग्विजय चौटाला ने जाट वोट काटे तो रमेश चंद कौशिक प्रधानमंत्री मोदी के नाम के साथ मज़बूत स्थिति में नज़र आते हैं.

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भूपेंद्र हुड्डा भले ही लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं पर उनके समर्थक लोगों से हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाने के नाम पर वोट मांग रहे हैं. अगर भूपेंद्र हुड्डा सोनीपत सीट जीतते हैं तो साल के अंत में हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी मजबूत होगी.



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