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कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद बोले शत्रुघ्न- 'मैं जोश में नहीं, बल्कि होश' में काम करता हूं, जानें क्या हैं इसके मायने...

शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha News) ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने का फैसला रातों-रात नहीं लिया गया है.

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कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद बोले शत्रुघ्न- 'मैं जोश में नहीं, बल्कि होश' में काम करता हूं, जानें क्या हैं इसके मायने...

शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कांग्रेस में शामिल हुए हैं.

खास बातें

  1. कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा
  2. पटना साहिब से ही लड़ेंगे चुनाव
  3. तीसरी बार जीतने की होगी कोशिश
नई दिल्ली:

BJP के 'शत्रु' शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने का फैसला रातों-रात नहीं लिया गया है. शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कांग्रेस पार्टी के साथ लंबे समय तक चलने वाले संबंध की आशा करते हैं, क्योंकि वह एक ऐसे वफादार हैं जो जोश में नहीं, बल्कि होश में काम करते हैं. शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लंबे समय से कटु आलोचक रहे हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं देख रहा हूं कि भाजपा की लोकतांत्रिक व्यवस्था तानाशाही में तब्दील हो गई है. वे दिन गए, जब सामूहिक फैसले लिए जाते थे.' उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार के बारे में कहा, 'मैं उन्हें राष्ट्र निर्माता के रूप में देखता हूं. इस परिवार ने देश के प्रति काफी योगदान दिया है.'

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फिल्म अभिनेता रह चुके सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा, 'वह करिश्माई, परखे हुए और सफल नेता हैं तथा भारत के भविष्य हैं. उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है.' सिन्हा ने नोटबंदी एवं जीएसटी जैसे फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की और उनसे राफेल लड़ाकू विमान के मुद्दे पर पाक-साफ होने को कहा.

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शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कहा, 'आप (मोदी) क्यों नहीं सामने आते और (राफेल पर) स्पष्टीकरण देते हैं. यदि आप आगे आएं और राफेल पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हैं तो क्या आपका 56 इंच का सीना छह इंच का हो जाएगा.' पटना साहिब सीट से कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने पर सिन्हा ने कहा कि उन्हें उन लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है जो उन्हें प्यार से 'बिहारी बाबू' कहते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या 'बिहारी बाबू' पटना साहिब सीट से 'हैट-ट्रिक' (लगातार तीसरी बार जीत) बनाएंगे, सिन्हा ने कहा, 'उम्मीद है...'

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भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद से चुनावी मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने उन्हें पारिवारिक मित्र बताया और कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, '...यह पटना के लोगों को तय करना है (कि कौन जीतेगा). उन्हें फैसला करने दीजिए.' यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस का साथ उनका जुड़ाव लंबे समय का होगा. सिन्हा ने कहा, 'क्या मैं भाजपा के साथ किंतु-परंतु और उतार-चढ़ाव के बीच 25 साल तक साथ नहीं रहा? क्या मैं तब से उसके साथ नहीं था जब लोकसभा में उसकी मात्र दो सीटें थी? मैं एक वफादार व्यक्ति हूं... मैं रातों रात फैसला नहीं करता और रातों रात चीजों को नहीं छोड़ता. मैं जोश में काम नहीं करता, बल्कि होश में करता हूं?'

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शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने कहा कि अपनी पुस्तक 'एनीथिंग बट खामोश' में उन्होंने कहा है कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से हमेशा ही स्नेह मिला था. भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी सहित 75 वर्ष की आयु से अधिक के कई वरिष्ठ एवं कद्दावर नेताओं को इस बार लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी से टिकट नहीं दिए जाने के विषय पर 73 वर्षीय सिन्हा ने कहा, 'जहां तक मेरी बात है...वह (भाजपा) कहती है या तो मेरे रास्ते चलो या रास्ता नाप लो. मैं कहता हूं कि सर्वश्रेष्ठ रास्ते पर सबसे अच्छी पार्टी के साथ जाउंगा.' 

VIDEO: बीजेपी छोड़ने की तकलीफ है- शत्रुघ्न सिन्हा

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बिहार में 40 सीटें, 7 चरणों मतदान
11 अप्रैल: जमुई औरंगाबाद, गया, नवादा,
18 अप्रैल: बांका, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर
23 अप्रैल: खगड़िया, झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा,
29 अप्रैल: दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर
6 मई: मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारन, हाजीपुर, सीतामढ़ी,
12 मई: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, , शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, वाल्मीकिनगर
19 मई: नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद

(इनपुट: भाषा)



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