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कन्हैया कुमार अगर चुनाव जीतकर सांसद बनते हैं तो पहला काम क्या करेंगे? यह मिला जवाब...

कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) का मुकाबला (Begusarai Seat) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) और राजद के तनवीर हसन (Tanveer Hasan) से है.

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कन्हैया कुमार अगर चुनाव जीतकर सांसद बनते हैं तो पहला काम क्या करेंगे? यह मिला जवाब...

कन्हैया कुमार बिहार के बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं.

खास बातें

  1. बिहार के बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार हैं कन्हैया
  2. कन्हैया का मुकाबला गिरिराज सिंह और तनवीर हसन से
  3. बेगूसराय में 29 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट
नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के लिए जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की तैयारी जोरों पर है. बिहार के बेगूसराय सीट से कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) का मुकाबला (Begusarai Seat) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) और राजद के तनवीर हसन (Tanveer Hasan) से है. कन्हैया सीपीआई (CPI) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. NDTV के रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने कन्हैया कुमार से कई मुद्दों पर बात की. कन्हैया कुमार से जब उन्होंने पूछा कि आपकी लड़ाई किससे है? क्योंकि गिरिराज सिंह और तनवीर हसन दोनों आपको यूट्यूब का लोकप्रिय नेता बताते हैं, जो कहीं दिल्ली से आया है और यूट्यूब में रहकर हवा में उड़ रहे हैं. इस दौरान कन्हैया ने इस बात का भी खुलासा किया कि अगर वह चुनाव जीतकर सांसद बनते हैं तो सबसे पहले क्या करेंगे. 

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सांसद बनने के बाद पहला काम क्या करेंगे?
कन्हैया कुमार ने कहा कि कई लोगों ने मुझसे पूछा कि सांसद बनने के बाद आप पहला काम क्या करेंगे. कन्हैया कुमार ने कहा कि इस देश में संसदीय परंपरा की पुनर्स्थापना करेंगे. संसदीय परंपरा का मतलब विपक्ष का सम्मान करना होता है. विपक्षी व्यक्तियों को भी हाथ जोड़कर नमस्कार करेंगे.

Lok Sabha Election 2019: महागठबंधन का समर्थन नहीं मिलने से क्या नुकसान होगा? कन्हैया कुमार ने कही यह बात

महागठबंधन के मुद्दे पर कन्हैया की राय
कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) से जब रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने यह पूछा कि महागठबंधन (Mahagathbandhan) का समर्थन नहीं मिलने से आपको नुकसान होगा? कन्हैया कुमार ने कहा कि जिस तरीके से संघर्षों में एक एकता बनी थी...एक गठबंधन अपने आप तैयार हुआ था.. चुनावों में भी अगर यह एकता बनती तो परिणाम बहुत अच्छा होता. किसी एक दो सीट पे माहौल से या किसी उम्मीदवार की अपनी मेहनत से, या पार्टी के बेस से कुछ सीट निकल जाए, ये बात ठीक है लेकिन ओवरऑल महागठबंधन नहीं होने से भाजपा को फायदा हुआ है और जो सेक्यूलर डमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव लेफ्ट फोर्सेस है उसे नुकसान हुआ है. यह बात सिर्फ बेगूसराय की नहीं है. ज्यादातर देश के राज्यों में यही हाल हुआ है.

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'मैं संसद पहुंचूंगा तो मोदी जी वहां नहीं होंगे'
कन्हैया कुमार ने कहा कि मेरा अपना अनुमान है कि अगर मैं चुनाव जीतकर संसद जाउंगा तो शायद नरेंद्र मोदी वहां नहीं होंगे, क्योंकि मैं उसी स्थिति में चुनाव जीतूंगा जब भाजपा विरोधी माहौल पूरे देश में बनेगा. अब कुछ लोगों ने बेगूसराय में बोलना शुरू किया है कि देश में क्या होगा नहीं जानते, लेकिन बेगूसराय में तो आपको जिताएंगे.

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शादी के मुद्दे पर क्या कहा कन्हैया ने?
रवीश कुमार ने कन्हैया कुमार से जब उनकी शादी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी इसमें समय लगेगा. रवीश कुमार ने पूछा कि क्या चुनाव के बाद कन्हैया कुमार शादी करेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि 'परेशानी का साथी ढूंढने' में समय लगेगा. कन्हैया ने कहा कि मां पहले से ही परेशान है. कन्हैया कुमार से जब रवीश कुमार ने पूछा कि जब आप जेएनयू में पीएचडी करने गए तब गांव के लोगों का इस पर क्या रिएक्शन था. कन्हैया कुमार ने कहा कि जेएनयू के बारे में गांव के लोगों को पता ही नहीं था. लोग पूछते थे क्या करते हो? कब तक पढ़ोगे, अब कमाना चाहिए. कन्हैया की मां ने बताया कि लोग कहते थे कि आप लोग कन्हैया को कमाने के लिए क्यों नहीं बोलते? 

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स्कूल के दिनों में पोलियो ड्रॉप पिलाते थे कन्हैया
कन्हैया कुमार ने इस दौरान बताया कि चूंकि घर की माली हालत ठीक नहीं थी तो उन्‍हें पढ़ाई के साथ-साथ कुछ काम भी करना पड़ता था. जब वह स्कूल में थे तो घर-घर जाकर पोलियो ड्रॉप पिलाते थे. तब 50 रुपया मिलता था. उन्होंने कहा कि जब मैं दिल्ली गया तो MR (Medical Representative) की नौकरी भी की. उसके बाद मैंने यूपीएससी की तैयारी भी की. लेकिन सरकार की एक पॉलिसी से जीवन में कितना बड़ा झटका लगता है, तब समझ आया. कन्हैया कुमार ने कहा कि सीसैट का मारा मैं भी हूं. कन्हैया ने कहा कि सीसैट ब्यूरोक्रेसी के डायवर्सिटी को पूर तरह से खत्म कर देगा. कन्हैया ने कहा कि मैं पूरी तरह से हिन्दी मीडियम का छात्र हूं. उन्होंने कहा कि जब मैं जेएनयू गया तो मुझे फेलोशिप मिल गई. फिर वहीं से घर वालों को भी पैसा भेजने लगा. मेरे बड़े भाई भी मुझे पैसों से सपोर्ट करते थे. वे चौकीदारी का काम करते थे.

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बिहार में 40 सीटें, 7 चरणों मतदान
11 अप्रैल: जमुई औरंगाबाद, गया, नवादा,
18 अप्रैल: बांका, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर
23 अप्रैल: खगड़िया, झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा,
29 अप्रैल: दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर
6 मई: मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारन, हाजीपुर, सीतामढ़ी,
12 मई: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, , शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, वाल्मीकिनगर
19 मई: नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद

VIDEO: रवीश का रोड शो कन्हैया कुमार के साथ



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