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UP Election Results 2019: यूपी में हाथी को रास आई साइकिल की सवारी, नुकसान में अखिलेश, कांग्रेस को केवल एक सीट

2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को राष्ट्रीय स्तर पर 4.19 प्रतिशत वोट प्राप्त होने के बावजूद एक भी सीट नहीं मिली थी. पार्टी ने पिछले चुनाव में लोकसभा की 543 सीट में से 503 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.

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UP Election Results 2019: यूपी में हाथी को रास आई साइकिल की सवारी, नुकसान में अखिलेश, कांग्रेस को केवल एक सीट

बसपा प्रमुख मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव.

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए उत्तर प्रदेश में अखिलेश से हाथ मिलाना मायावती (Mayawati) को फायदेमंद नजर आ रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव में शून्य पर पहुंची बसपा के लिये पांच साल बाद संसद के निचले सदन में फिर से दस्तक देने की उम्मीद जागी है. गुरुवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में बसपा (BSP) ने उत्तर प्रदेश की दर्जन भर सीटों पर बढ़त बना ली थी. हालांकि, चुनाव परिणाम के रुझान उत्तर प्रदेश में भाजपा (BJP) को मजबूत चुनौती देने के उद्देश्य से बने सपा बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) के लिये निराशाजनक रहे लेकिन कम से कम बसपा के लिये इससे लोकसभा में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करने की उम्मीद पैदा हुई है. वहीं अगर समाजवादी पार्टी की बात करें तो वह छह सीटों पर आगे चल रही है, लेकिन इन छह सीटों में यादव परिवार के तीन लोग ही शामिल हैं. 

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को राष्ट्रीय स्तर पर 4.19 प्रतिशत वोट प्राप्त होने के बावजूद एक भी सीट नहीं मिली थी. पार्टी ने पिछले चुनाव में लोकसभा की 543 सीट में से 503 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. सुबह आठ बजे मतगणना शुरु होने के बाद, दो घंटों के रुझान में बसपा के छह उम्मीदवारों ने उत्तर प्रदेश में शुरुआती बढ़त बना ली थी. दोपहर बाद तीन बजे तक बसपा के 12 उम्मीदवार आगे चल रहे थे. वहीं गठबंधन के सहयोगी दल सपा के सिर्फ छह सीटों पर आगे थे.


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बता दें, 2009 के चुनाव में 21 सीट जीतने वाली बसपा के लिये 2014 के चुनाव में शून्य पर सिमटने के बाद बसपा के लिये 2019 का लोकसभा चुनाव वजूद की लड़ाई बन गया था. बसपा उम्मीदवारों ने गाजीपुर, मेरठ और सहारनपुर सहित पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दर्जन भर सीटों पर बढ़त बना ली है. वहीं सपा को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजमगढ़ सीट के अलावा अपने परंपरागत गढ़ रामपुर, फिरोजाबाद और मैनपुरी सहित छह सीटों पर निर्णायक बढ़त के आधार इन सीटों को जीतने की उम्मीद है. गाजीपुर में बसपा के उम्मीदवार अफजाल अंसारी ने केन्द्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा से लगभग 40 हजार मतों से बढ़त बनायी हुयी. वहीं रामपुर से सपा के आजम खान भाजपा की जयाप्रदा से आगे हैं.

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वहीं, उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार यानी यादव कुनबे के लिये लोकसभा चुनाव मतगणना के शुरुआती रुझान कहीं खुशी, कहीं गम वाले हैं. प्रारम्भिक चरणों में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, उनकी पत्नी डिम्पल यादव अपने-अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं. फिरोजाबाद से अक्षय यादव और बदायूं से धर्मेन्द्र यादव पीछे हैं. मुलायम मैनपुरी सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य पर 12 हजार मतों से ज्यादा की बढ़त बनाये हुए हैं. वहीं, आजमगढ़ से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के दिनेश लाल यादव ''निरहुआ'' से 59 हजार मतों से ज्यादा की बढ़त बनाये हुए हैं. 

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कन्नौज से डिम्पल यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुब्रत पाठक से 10 हजार मतों से आगे चल रही हैं. हालांकि, बदायूं से मौजूदा सांसद और अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेन्द्र यादव भाजपा की संघमित्रा मौर्य से करीब 16 हजार मतों से पीछे चल रहे हैं. वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा को इन्हीं पांच सीटों पर जीत मिली थी. मुरादाबाद सीट से एस टी हसन, संभल से डॉ. शफीकुर रहमान बर्क और रामपुर से आजम खान भी आगे चल रहे हैं.

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