जीतन राम मांझी: मजदूरी से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर, ऐसा रहा जिंदगी का उतार-चढ़ाव

जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) राजनीतिक पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के नेता तौर पर बिहार के 23वें मुख्यमंत्री रहे.

जीतन राम मांझी: मजदूरी से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर, ऐसा रहा जिंदगी का उतार-चढ़ाव

जीतन राम मांझी- (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) राजनीतिक पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के नेता तौर पर बिहार के 23वें मुख्यमंत्री रहे. जबकि जीतन राम मांझी बिहार में दलित समुदाय के पहले मुख्यमंत्री रहे. हालांकि पार्टी में कई विवादों के चलते उन्होंने 20 फरवरी 2015 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मांझी का जन्म बिहार राज्य के गया जिले की खिजरसराय के महकार गांव में हुआ. उनके पिता का नाम रामजीत राम मांझी है, जो खेतिहर मजदूर थे. उन्होंने मजदूरी का भी काम किया है. हालांकि गया महाविद्यालय से 1966 में स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की. वो महा दलित मुसहर समुदाय से हैं. स्नातक करने के बाद 1966 में उन्होंने डाक एवं तार विभाग में लिपिक की नौकरी करना आरम्भ किया और 1980 में यह नौकरी छोड़ दी. मांझी की पत्नी का नाम शान्ति देवी है जिनसे उनके दो लड़के एवं 5 लड़कियां हैं.

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जीतन राम मांझी का राजनीतिक सफर

जीतन राम मांझी ने करीब 14 साल के लंबे समय तक लिपिक का काम करने के बाद नौकरी छोड़ने के बाद राजनीति में कदम रखा. राजनीति में आने के साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करते ही सन् 1980 में विधायक चुने गए. चंद्रशेखर सिंह नीत कांग्रेस सरकार में 1983 से 1985 तक वो बिहार सरकार में कल्याण राज्य मंत्री रहे. इसके बाद वो 1990 और 1996 में भी विधायक चुने गए. 2005 में बाराचट्टी से बिहार विधान सभा के लिए चुने गए. 2008 में उन्हें केबिनेट मंत्री चुना गया. मुख्यमंत्री बनने के 10 महीनों के बाद पार्टी ने उनसे नीतीश कुमार के लिए पद छोड़ने को कहा. ऐसा न करने के कारण उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. 20 फरवरी 2015 को बहुमत साबित न कर पाने के कारण उन्होनें इस्तीफा दे दिया.

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वर्ष 1980 से लेकर अब तक जीतन राम मांझी कांग्रेस, राजद और जदयू की राज्य सरकारों में मंत्री का पद संभाल चुके हैं. बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जीतन राम मांझी ने हिदुस्तान आवाम मोर्चा पार्टी बनाई और इसी पार्टी से लोकसभा चुनाव में गया सुरक्षित सीट पर महागठबंधन की ओर से मैदान में उतरे हैं. उनका मुकाबला एनडीए की ओर से जेडीयू उम्मीदवार विजय कुमार मांझी के से है.