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बसपा प्रमुख मायावती का मोदी सरकार पर हमला, पूछा- क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?

बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

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बसपा प्रमुख मायावती का मोदी सरकार पर हमला, पूछा- क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?

बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

खास बातें

  1. बसपा प्रमुख मायावती ने साधा निशाना
  2. पूछा, सरकार के विकास के दावों का क्या हुआ
  3. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर भी उठाये सवाल
नई दिल्ली:

चुनाव आयोग (Election Commision) ने रविवार को बहुप्रतीक्षित 17वीं लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) कार्यक्रम की घोषणा कर दी. इस बार 11 अप्रैल से शुरु होने वाला चुनावी समर एक महीने से अधिक समय तक चलेगा. चुनाव तिथियों की घोषणा के साथ ही सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. अब बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. मायावती ने ट्वीट कर कहा, ' बीजेपी राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ताल ठोक रही है. बीजेपी जो चाहे करे लेकिन पहले करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि को बताये कि अच्छे दिन लाने व अन्य लुभावने चुनावी वायदों का क्या हुआ? क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?'

बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने लोकसभा चुनावों के साथ जम्मू-कश्मीर का चुनाव न कराने पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. मायावती ने कहा, ' जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना श्री मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है. जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहां विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है व बीजेपी का बहाना बचकाना है''.


इस वजह से जम्मू कश्मीर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में कराना संभव नहीं

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव नहीं कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले की राजनीतिक पार्टियों द्वारा आलोचना किए जाने के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) शालिंदर कुमार ने रविवार को कहा कि चुनाव आयोग के विवेक का सम्मान करना चाहिए क्योंकि राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति के चलते यहां साथ में चुनाव कराना संभव नहीं था.  कुमार ने कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले जैसी घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट पर रखा हुआ है और सीमावर्ती इलाकों समेत पूरे राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं. सीमावर्ती इलाके पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम उल्लंघन किए जाने का सामना कर रहे है. 

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