NDTV Khabar

शिवराज, दिग्विजय और ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी चुनावी समर में भर सकती हैं हुंकार!

विदिशा से केंद्रीय मंत्री और वर्तमान सांसद सुषमा स्वराज के चुनाव लड़ने से इंकार किए जाने के बाद से इस संसदीय क्षेत्र से शिवराज अथवा उनकी पत्नी साधना सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
शिवराज, दिग्विजय और ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी चुनावी समर में भर सकती हैं हुंकार!

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए BJP-कांग्रेस MP की 29 लोकसभा सीटों के लिए अभी से फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही हैं

भोपाल:

मध्य प्रदेश (MP)में भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)की पत्नी साधना सिंह के विदिशा, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh)की पत्नी अमृता सिंह के राजगढ़ या इंदौर और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया के गुना से चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं. आगामी लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस मध्य प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की जुगत में है. इसके लिए दोनों दल उन सारे फॉर्मूलों पर काम कर रहे हैं, जो उन्हें जीत दिला सके. यही कारण है कि राज्य के तीन दिग्गज नेताओं की पत्नियों के भी हुंकार भरने के आसार हैं. राज्य में डेढ़ दशक बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है, लिहाजा उसके लिए आगामी लोकसभा चुनाव काफी अहम है, वहीं दूसरी ओर भाजपा अपनी पकड़ को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने देना चाहती. इन हालातों में दोनों दल राज्य के 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए अभी से फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही हर उस चेहरे का सियासी आकलन जारी है जो चुनाव लड़कर जीत दिलाने में सक्षम हों. 

शिवराज सिंह चौहान का तंज, 'इस चिंता में दुबली हो रही हैं ममता दीदी...'


विदिशा से केंद्रीय मंत्री और वर्तमान सांसद सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के चुनाव लड़ने से इंकार किए जाने के बाद से इस संसदीय क्षेत्र से शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) अथवा उनकी पत्नी साधना सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है. पार्टी सूत्रों का कहना है, 'यह शिवराज का प्रभाव वाला क्षेत्र है लिहाजा पार्टी शिवराज को यहां से चुनाव लड़ाकर उन्हें एक क्षेत्र तक सीमित नहीं करना चाहेगी, उनका राज्य और बाहर उपयोग किया जाएगा. इस स्थिति में उनकी पत्नी को पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है.'साधना सिंह लंबे अरसे से शिवराज के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सेदारी के साथ बुधनी विधानसभा की चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभाल चुकी हैं, साथ ही संगठन का भी अनुभव है.

पिछले कुछ अरसे से सोशल मीडिया पर साधना सिंह के समर्थन में अभियान चलाया जा रहा है और उन्हें विदिशा से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की जा रही है. सोशल मीडिया पर लगातार दावा किया जा रहा है कि साधना सिंह को विदिशा से उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी की जीत सुनिश्चित है, साथ ही उन्हें सशक्त उम्मीदवार भी बताया जा रहा है. 

MP के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर बोले- दिग्विजय ने दिया कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर, मैं कर रहा हूं विचार

दूसरी ओर गुना संसदीय क्षेत्र से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया के भी चुनाव लड़ने की संभावनाएं बन रही हैं. प्रियदर्शिनी को गुना से चुनाव लड़ाने का कांग्रेस कार्यकर्ता प्रस्ताव भी पारित कर चुके हैं. इसके अलावा प्रियदर्शिनी की 18 फरवरी से गुना संसदीय क्षेत्र में सक्रियता भी बढ़ रही है. वे यहां 24 फरवरी तक रहकर महिला सम्मेलनों में हिस्सा लेंगी. 

ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रचार अभियान में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले मनीष राजपूत का कहना है, "प्रियदर्शिनी राजे के चुनाव लड़ने का फैसला तो सिंधिया परिवार ही करेगा, हां इतना जरूर है कि गुना संसदीय क्षेत्र से तो चुनाव वही जीतेगा जिसे सिंधिया राजघराने का समर्थन हासिल होगा. इसकी वजह है, सिंधिया परिवार के सदस्यों ने यहां के लोगों को अपने परिवार का सदस्य माना है और उनकी बेहतरी के लिए वह सब किया जो करना संभव था. लिहाजा क्षेत्रीय लोगों और सिंधिया परिवार का रिश्ता पारिवारिक है."

VIDEO: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बनाया गोल समोसा, बोले- 'पकौड़े नहीं पसंद तो समोसे तैयार हैं...'

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की पत्नी अमृता सिंह के राजगढ़ से चुनाव लड़ने की चर्चाएं गर्म है. राजगढ़ सिंह के प्रभाव का क्षेत्र है, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटें जीती हैं, लिहाजा कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव में सुरक्षित सीट मानी जा रही है. सिंह स्वयं राज्यसभा के सदस्य हैं और चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी पर छोड़ चुके हैं. सिंह ने बीते साल नर्मदा यात्रा की थी, उस दौरान अमृता सिंह पूरे समय उनके साथ रहीं, साथ ही तमाम आयोजनों में उनकी मौजूदगी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि अमृता सिंह चुनाव लड़ सकती हैं. 

पूर्व मुख्यमंत्री सिंह के करीबी सूत्रों का कहना है कि राजगढ़ संसदीय क्षेत्र पूरी तरह कांग्रेस के लिए सुरक्षित है, लिहाजा पार्टी हाईकामन के निर्देश के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी, मगर इतना तो तय है कि उम्मीदवार वही होगा जिसे सिंह का समर्थन होगा. इस संसदीय क्षेत्र के राघौगढ़ विधानसभा से सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह, खिलचीपुर से भतीजे प्रियव्रत सिंह और चाचौड़ा से छोटे भाई लक्ष्मण सिंह विधायक हैं.

क्या कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा में इस बार खिल पाएगा 'कमल'? कमलनाथ की सीट से ये हो सकते हैं उम्मीदवार!

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर का कहना है, "राज्य में भले ही कांग्रेस की सरकार बन गई हो मगर हकीकत यह है कि दोनों कांग्रेस और भाजपा जीतते-जीतते रह गए हैं, लिहाजा आगामी लोकसभा चुनाव में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता और जीतने वाले पर दाव लगाएंगे. इसलिए नेताओं की पत्नियों को चुनाव लड़ाने की बात हो रही है. कांग्रेस अगर मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी लोकसभा चुनाव लड़ाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए."

राज्य में अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, उसने बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के सहयोग से सरकार बनाई है. राज्य की 230 विधानसभा सीटों में कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिली है. वहीं बसपा दो, सपा एक और निर्दलीय चार स्थानों पर जीते हैं. वहीं वोट प्रतिशत भाजपा का कांग्रेस से ज्यादा है. लोकसभा की 29 सीटों में से भाजपा के पास 26 और कांग्रेस के पास तीन सीटें हैं. अब कांग्रेस लोकसभा सीटों के फासले को कुछ कम करना चाहती है.

लोकसभा चुनाव 2019: इन 5 डिजिटल तरीकों की मदद से मतदाताओं के दिलों तक पहुंचने की फिराक में जुटी राजनीतिक पार्टियां

टिप्पणियां

VIDEO- लखनऊ से चाय पर चर्चा: 'लोगों ने कहा- मोदीजी का जाना तय'


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement