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Elections 2019: ईवीएम पर सवाल उठाने को जावड़ेकर ने बताया विपक्ष का दिवालियापन, पासवान बोले- बूथ कैप्चरिंग का जमाना वापस लाना चाहते हैं ये लोग

विपक्ष लगातार ईवीएम की सुरक्षा के मसले पर चुनाव आयोग और मौजूदा सरकार को घेरने में लगा है.

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Elections 2019:  ईवीएम पर सवाल उठाने को जावड़ेकर ने बताया विपक्ष का दिवालियापन, पासवान बोले- बूथ कैप्चरिंग का जमाना वापस लाना चाहते हैं ये लोग

ईवीएम की सुरक्षा पर विपक्ष चुनाव आयोग और बीजेपी सरकार को घेर रहा है.

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) के एग्जिट पोल में बीजेपी को मिलती दिख रही जीत के बाद ईवीएम (EVM) को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. विपक्ष लगातार ईवीएम की सुरक्षा और विश्वसनीयता के मसले पर चुनाव आयोग और मौजूदा सरकार को घेरने में लगा है. इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने कहा कि जो लोग ईवीएम का विरोध करते हैं वे बूथ कैप्चरिंग का जमाना वापस लाना चाहते हैं. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए इसे चोर की दाढ़ी में तिनका बताया है. उन्होंने कहा कि नतीजों से पहले ही विपक्ष क्यों सवाल उठा रहा है. दरअसल ये लोग धनबल और बाहुबल के युग में वापस ले जाना चाहते हैं. 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने ईवीएम पर लगते आरोपों को विपक्ष का राजनीतिक दिवालियापन बताया है. उन्होंने कहा कि केवल 21 पार्टियों को EVM से शिकायत है. उन्हें जनता पर भरोसा नहीं है और हार की चिंता सता रही है.  जावड़ेकर ने कहा कि जब कांग्रेस जीती तब ईवीएम ठीक थी लेकिन हार रहे हैं तो ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस ये सब जीतते हैं तो ईवीएम ठीक है नहीं तो बेकार है. 


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जावड़ेकर ने कहा, चुनाव आयोग भारत में 90 करोड़ मतदाताओं का जबरदस्त तरीके से चुनाव करवाता है. लेकिन अब  हार का असर दिखा तो विपक्षी दल तरीके ढूंढ रहे हैं.  उन्होंने कि अनेक नेता अपना आपा खो बैठे हैं, तभी तो सिविल वॉर की तरह बातें कर रहे हैं. जावड़ेकर ने एग्जिट पोल से भी अच्छे नतीजे रहने की उम्मीद जताई है. 

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बता दें सोशल मीडिया पर ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम से शिफ्ट करने के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि बिना किसी सुरक्षा के ईवीएम से भरी गाड़ी को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा है. वहीं विपक्षी पार्टियां हमेशा से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है. वे मतपर्ची और ईवीएम के मिलान की मांग कर रही हैं और इस बाबत उन्होंने नई दिल्ली में आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है. कांग्रेस, द्रमुक, तेदेपा और बसपा सहित 22 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंप कर वोटों की गिनती से पहले औचक तरीके से चुने गए पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का सत्यापन कराने की मांग की है.  हालांकि चुनाव आयोग और यहां तक की सुप्रीम कोर्ट भी ऐसा करने के लिए मना कर चुका है. 
वीडियो- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- हैक नहीं की जा सकती ईवीएम



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