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Elections 2019 : सागर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव व्यवस्था में फिर गड़बड़ी, ईवीएम से भरा वाहन हुआ खराब, जंगल में हुआ झगड़ा

Elections 2019 : पुलिस और पीठासीन अधिकारी के बीच हुई जमकर बहस, पत्रकार का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने की कोशिश की

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Elections 2019 : सागर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव व्यवस्था में फिर गड़बड़ी, ईवीएम से भरा वाहन हुआ खराब, जंगल में हुआ झगड़ा

Elections 2019 : प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. खुरई विधानसभा क्षेत्र से मशीनें लेकर सागर जा रहा वाहन हुआ खराब
  2. मतदान कर्मचारी दो घंटे तक जरुवाखेड़ा के जंगल में खड़े रहे
  3. कवरेज कर रहे पत्रकार पर पीठासीन अधिकारी ने निकाला गुस्सा
भोपाल:

मध्यप्रदेश के सागर (Sagar) लोकसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) की व्यवस्था में खामियां सामने आईं. मतदान के पश्चात ईवीएम लेकर लौट रहे कर्मचारियों की बस बीच जंगल में खराब हो गई. दो से तीन घंटे बाद बस आई. इस बीच मतदान कर्मियों और पुलिस में जमकर बहस हुई. खास बात यह है कि इस बार भी मतदान कर्मियों का वाहन उसी जरुवाखेड़ा के जंगल में खराब हुआ जहां विगत विधानसभा चुनाव के दौरान खराब हुआ था.

बताया जाता है कि सागर लोकसभा क्षेत्र के खुरई विधानसभा क्षेत्र से आ रहा ईवीएम मशीनों से भरा वाहन जरुवाखेड़ा में बिगड़ गया. इस दौरान पुलिस और पीठासीन अधिकारियों के बीच तू,तू-मैं, मैं हो गई. इस मामले का कवरेज कर रहे एक पत्रकार पर पीठासीन अधिकारी ने गुस्सा निकाला और उनका मोबाइल छीनकर वीडियो फुटेज डिलीट करने की कोशिश की. लगभग डेढ़ घंटे बाद दूसरा वाहन आया और फिर सड़क के किनारे रखी रहीं ईवीएम मशीनों को उसमें रखा गया.  

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी सागर जिले में चुनाव व्यवस्था में गड़बड़ी का मामला सामने आया था. विधानसभा चुनाव में जरुवाखेड़ा के पास जंगल में ईवीएम मशीनों से भरे वाहन खराब हुए थे. इसको लेकर पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे. इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान मचा रहा.


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जरुवाखेड़ा के बीओ ने बताया कि खुरई विधानसभा के भीलोन बिलैया नरोदा की ईवीएम मशीनें सागर में जमा करने के लिए ले जाते समय रविवार को रात 9:15 बजे के लगभग जरुवाखेड़ा में मशीनों से भरी बस क्रमांक एमएच 43 एच 1122 अचानक बीच सड़क पर बंद हो गई. लगभग डेढ़ घंटे तक बस में बैठे पीठासीन अधिकारी दूसरी बस आने का इंतजार करते रहे. उक्त बस में चार पीठासीन अधिकारी पूरी पार्टी के साथ सड़क के बाजू में नाली पर बैठे रहे.

बिलैया के पीठासीन अधिकारी पीसी चौधरी ने बताया कि 'गाड़ी अपने आप बंद हो गई. मैंने इसकी शिकायत वाहन प्रभारी देशराज अहिरवार को दी है. जब इस संबंध में वाहन प्रभारी देशराज अहिरवार से बात की तो उन्होंने बताया कि वाहन बिगड़ने की सूचना मैंने अपने उच्चाधिकारियों को सेक्टर प्रभारी आरआई निर्वाचन खुरई को दे दी है. शीघ्र ही दूसरे वाहन आ रहे हैं.' नरोदा के पीठासीन अधिकारी लक्ष्मी नारायण से जब इस संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा 'कि वाहन अपने आप बंद हो गया.'

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इसी बीच नरोदा के पीठासीन अधिकारी लक्ष्मी नारायण तिवारी और सब इंस्पेक्टर पाठक के बीच बस में बैठने को लेकर जमकर बहस होने लगी. पीठासीन अधिकारी चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगा कि 'हम ऐसी भीड़ में नहीं  बैठेंगे. हम ऐसे ही मशीनें पड़ी रहने देंगे, फिर जिसको लेने आना हो वह आए. अगर एक भी ईवीएम मशीन कहीं इधर की उधर हो जाएगी तो सभी लोग नप जाएंगे.'

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एसआई पाठक आनन-फानन में मतदान दलों को बस व टाटा सूमो गाड़ी में ठूंसकर बैठाने लगे. इसी दौरान वहां कवरेज कर रहे एक पत्रकार पर पीठासीन अधिकारी ने गुस्सा झाड़ते हुए उनका मोबाइल छीन लिया. उन्होंने डाटा कवरेज डिलीट करने की कोशिश की और वाहनों को जल्दी से रवाना करने का इशारा करने लगे. जब इस बीच वहां उपस्थित अन्य पत्रकारों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने तत्काल मोबाइल वापस कर दिया.



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