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प्रियंका चतुर्वेदी के इस्तीफे से दुखी कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

प्रियंका के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने टॉम वडक्कन के जाने के समय भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं कि जब भी कांग्रेस का कोई व्यक्ति बाहर जाता है तो यह हमारे लिए दुख का विषय होता है.

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प्रियंका चतुर्वेदी के इस्तीफे से दुखी कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. 'अगर टीम में कुछ होता है तो असर मेरे ऊपर'
  2. 'जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी जवाबदेही होनी चाहिए'
  3. 'कोई बाहर जाता है तो दुख होता है'
नई दिल्ली:

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी  के इस्तीफे के बाद पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के किसी साथी का अलग होना दुखद है और ऐसे मामले में टीम का मुखिया होने के नाते मेरी भी जवाबदेही बनती है. प्रियंका के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने टॉम वडक्कन के जाने के समय भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं कि जब भी कांग्रेस का कोई व्यक्ति बाहर जाता है तो यह हमारे लिए दुख का विषय होता है. लोग करियर में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं. अगर टीम में कुछ होता है तो उसका असर नेता होने के कारण मेरे ऊपर भी आता है.''   उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रियंका चतुर्वेदी सहित उन लोगों को लोगों को शुभकामना देते हैं जो हमसे अलग हुए हैं.''    एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिए और इसमें कुछ गलत नहीं है.'' दरअसल, मथुरा में अपने साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई को निरस्त किये जाने पर खुलकर नाराजगी जताने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और शिवसेना में शामिल हो गईं.  प्रियंका मुंबई में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुईं.

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हालांकि प्रियंका चतुर्वेदी के कांग्रेस छोड़ने के पीछे कई और कारणों भी बताए जा रहे हैं.  जब राफेल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात हुई तो उन्होंने मथुरा को चुना और मथुरा की सीट कांग्रेस ने महेश पाठक को दे दी थी जो मुंबई के बिजनेसमैन हैं. अब सवाल उठता है प्रियंका के साथ मथुरा में जो बदसलूकी हुई उसके पीछे कौन है? प्रियंका मुंबई की एक और सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं जो संजय निरूपम को मिल गई. वजह ये बताई गई कि संजय निरूपम मुंबई प्रदेश अध्यक्ष के नाते पिछले 5 सालों से सड़कों पर आंदोलन करते रहे हैं. दूसरा, कांग्रेस ने मुंबई में प्रिया दत्त और उर्मिला मातोंडकर यानी दो महिलाओं को टिकट दे दिया था. तीसरी महिला उम्मीदवार के लिए अब वहां जगह नहीं बन रही थी. राजनीति के जानकार मानते हैं कि प्रियंका के इस तात्कालिक फ़ैसले के पीछे भले ही मथुरा की घटना हो लेकिन उसके पीछे एक गहरी राजनीतिक सोच भी है. 

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मुझे टिकट का लालच नहीं है : प्रियंका चतुर्वेदी​



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