राहुल गांधी ने प्रदेश अध्यक्षों के साथ चुनावी रणनीति पर की चर्चा, कहा - कांग्रेस का रुख आक्रामक ही रहेगा

पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की किसान विरोधी, महिला विरोधी, युवा विरोधी नीतियों को सबके के सामने लाने के लिए कहा और बेरोजगारी और किसानों के दुख को भी उजागर करने को कहा.

नई दिल्‍ली:

शनिवार को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं की दिल्ली में बैठक हुई. इस बैठक मे 2019 लोकसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा  हुई. राज्यों में मौजूदा राजनीतिक हालात के रिपोर्ट लिए गए और जल्द से जल्द उम्मीदवारों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया. कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की किसान विरोधी, महिला विरोधी, युवा विरोधी नीतियों को सबके के सामने लाने के लिए कहा और बेरोजगारी और किसानों के दुख को भी उजागर करने को कहा. कांग्रेस की जनता के लिए नीतियों को सोशल मीडिया और कैंपेन के ज़रिए सब तक पहुंचाने को कहा. इस बैठक में राहुल ने एक बार फिर ये साफ़ कर दिया कि कांग्रेस का रुख़ आक्रामक ही रहेगा. आत्मसम्मान से समझौता नहीं होगा.

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पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सौमेंद्र नाथ मित्रा ने कहा कि हमने कहा कि कोई भी टीएमसी के साथ गठबंधन नहीं चाहता. राहुलजी ने कहा है कि अगर आत्मसम्मान के साथ गठबंधन होता है तो ठीक है वरना नहीं होगा. टीएमसी के साथ तो नहीं होगा इतना तय है हालांकि राज्यों के गठबंधन पर आगे विमर्श भी होगा.

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महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि एनसीपी से गठबंधन तय ही है. और बात करनी है, छोटी पार्टियों से भी एक हफ़्ते में फिर चर्चा होगी. विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से गठबंधन की वजह से राज्य इकाई में काफ़ी नाराज़गी थी. लेकिन इस बार 2019 ही नहीं नज़र आगे तक है. PCC-CLP बैठक में ये साफ़ कर दिया गया है कि कांग्रेस कहीं भी डिफेंसिव नहीं रहेगी, न आत्मसम्मान से समझौता होगा. यानी पुरानी ग़लतियों से सीखकर नई रणनीति के साथ चुनाव में उतर रहे हैं.