NDTV Khabar

बालाकोट ऑपरेशन पर सवाल उठाने वाले इंटरव्यू पर सैम पित्रोदा की सफाई: नागरिक के नाते मैंने पूछा, जानना मेरा अधिकार है

Sam Pitroda Remark on Balakot Air Strike: सैम पित्रोदा ने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए कि मैंने यह बात एक नागरिक के तौर पर कही है. मैं जानने का अधिकार रखता हूं कि क्या हुआ था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
बालाकोट ऑपरेशन पर सवाल उठाने वाले इंटरव्यू पर सैम पित्रोदा की सफाई: नागरिक के नाते मैंने पूछा, जानना मेरा अधिकार है

Sam Pitroda ने अपने बयान पर दी सफाई

नई दिल्ली:

सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) ने बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) पर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए कि मैंने यह बात एक नागरिक के तौर पर कही है. मैं जानने का अधिकार रखता हूं कि क्या हुआ था. उन्होंने कहा कि मैंने यह बयान पार्टी की तरफ से नहीं दिया है. मैं इसके बारे में जानने का अधिकार रखता हूं. आखिर इसमें गलत क्या है. बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) ने पुलवामा हमले पर बयान दिया जिससे पूरा मामला गरमा गया. पुलवामा में CRPF काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर पित्रोदा ने कहा कि ऐसे हमले होते रहते हैं. पित्रोदा ने कहा कुछ आतंकियों ने हमला किया, फिर पूरे पाकिस्तान को इसकी सज़ा क्यों दी जा रही है? पित्रोदा ने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाए हैं. पित्रोदा (Sam Pitroda) ने ये कहते हुए एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे हैं कि क्या हमने सच में हमला किया? क्या वाकई में एयर स्ट्राइक में 300 आतंकी मारे गए, मुझे और देश की जनता को इससे जुड़े तथ्य चाहिए. पित्रोदा के इस बयान ने चुनावी माहौल में कांग्रेस को घेरने का बीजेपी को एक और मौक़ा दे दिया है. 

टिप्पणियां

पित्रोदा ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इसमें विवाद क्या है. इस पर आ रहीं प्रतिक्रियाओं से मैं हैरान हूं. यह दिखा रहा है कि कैसे भारत में लोग छोटे-छोटे मामलों पर प्रतिक्रिया देते हैं. यह पूरी तरीके से एक मामूली सा मामला है. सिर्फ एक नागरिक सवाल पूछ रहा है.  


सैम पित्रोदा की इस टिप्पणी की पीएम मोदी ने निंदा की है. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष के सबसे विश्वसनीय सलाहकार और गाइड ने भारत के सशस्त्र बलों के गौरव को कम बता कर कांग्रेस की ओर से पाकिस्तान नेशनल डे सेलिब्रेशन की शुरुआत की है. कांग्रेस के शाही खानदान के वफ़ादार दरबारी ने आज इस बात को स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस आतंकी ताक़तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं चाहती थी. यह नया भारत है- हम आतंकियों को उसी भाषा में सूद सहित जवाब देंगे, जिस भाषा को वो समझते हैं. विपक्ष आतंकवाद समर्थकों का ठिकाना है और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाना इनकी फितरत है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement