लोकसभा चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका: पूर्वोत्तर में एक सप्ताह में 25 ने छोड़ा साथ, कई मंत्री और विधायक भी शामिल

भाजपा इस बार उत्तर पूर्व में केवल दो पार्टियों के साथ ही गठबंधन करने में कामयाब हो पाई. कोनारड संगमा की एनपीपी और सिक्किम की एसकेएम ने चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए गठबंधन से मना कर दिया.

लोकसभा चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका: पूर्वोत्तर में एक सप्ताह में 25 ने छोड़ा साथ, कई मंत्री और विधायक भी शामिल

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पिछले एक सप्ताह में उत्तर-पूर्वी राज्यों में बड़े झटके मिले हैं. ताजा खबर अरुणाचल प्रदेश से है, जहां दो मंत्री और 6 विधायकों सहित 18 नेताओं ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया. बड़ी बात यह भी है कि राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हैं. ऐसे में पार्टी के लिए यह बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि ये सभी नेता टिकट न मिलने की वजह से पार्टी से नाराज चल रहे थे. इन्होंने कोनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ज्वाइन कर ली है. एनपीपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. पिछले एक सप्ताह के आंकड़ें देखें तो उत्तर पूर्व में 25 नेताओं ने पार्टी छोड़ी है. 

भाजपा इस बार उत्तर पूर्व में केवल दो पार्टियों के साथ ही गठबंधन करने में कामयाब हो पाई. कोनारड संगमा की एनपीपी और सिक्किम की एसकेएम ने चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए गठबंधन से मना कर दिया. 

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को बड़ा झटका, अरुणाचल प्रदेश में 18 ने पार्टी छोड़ी

अरुणाचल प्रदेश में गृहमंत्री कुमार वाई, पर्यटन मंत्री जारकर गामलिन, भाजपा महासचिव जर्पम गाम्बिन और छह अन्य विधायकों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया. गृह मंत्री वाई ने कहा, 'वे वंशवादी राजनीति के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में देखिए. मुख्यमंत्री के परिवार को तीन टिकटें मिली हैं.'

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वरिष्ठ एनपीपी नेता थॉमस संगमा ने कहा, 'अब एनपीपी 60 विधानसभा सीटों वाले राज्य में 30-40 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. अगर हम सीटें जीत जाते हैं तो अपनी सरकार बनाएंगे.'

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जारकर गामलिन ने कहा, 'मेरे पास च्वाइस पार्टी और मेरे लोगों के बीच थे, जिनका नेतृत्व मैंने तीन साल तक किया. वोटों की राजनीति में पार्टी की बजाय लोग ज्यादा अहम होते हैं. इसलिए मैंने मेरे समर्थकों के फैसले के साथ जाने का फैसला किया.' साथ ही उन्होंने कहा, 'अगर मुझे पहले से बता दिया जाता कि मुझे टिकट नहीं दिया जाएगा तो मैं इस्तीफा नहीं देता. लेकिन पार्टी ने मुझे हमेशा झूठा भरोसा दिया है.'

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता किरण रिजिजू ने बताया कि टिकट बांटने का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से लिया गया है. उन्होंने कहा, 'टिकट का मुद्दा पार्टी का अंदरूनी मामला है. राज्य चुनाव समिति की सिफारिशों पर आखिरी फैसला केंद्रीय चुनाव समिति लेती है. हां, मौजूदा मंत्रियों को टिकट देने से मना कर दिया गया, लेकिन संसदीय बोर्ड द्वारा जमीनी स्थिति का आकलन किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया.'

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एनपीपी अपने उम्मीदवारों की आखिरी लिस्ट बुधवार को जारी कर सकती है. वहीं भाजपा विधानसभा चुनाव के लिए अपने 54 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है. 

त्रिपुरा भाजपा के उपाध्यक्ष सुबल भौमिक ने मंगलवार को पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी. बताया जा रहा है कि कांग्रेस उन्हें पश्चिमी त्रिपुरा लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर सकती है.

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