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पुदुच्चेरी में चुनाव के दौरान स्थानीय पार्टियों को टक्कर देती है राष्ट्रीय पार्टियां

पुदुच्चेरी भारत के दक्षिणी हिस्से में बसा हुआ है. पुदुच्चेरी जिला और कराइकाल जिले की सिमाएं तमिलनाडु से लगती हैं. जबकि यनम और माहे जिले की सीमा आंध्र प्रदेश और केरल से लगती है. पुदुच्चेरी देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला 29 राज्य है. 

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पुदुच्चेरी में चुनाव के दौरान स्थानीय पार्टियों को टक्कर देती है राष्ट्रीय पार्टियां

पुदुच्चेरी में चुनावी मुकाबाला टक्कर का

नई दिल्ली:

पुदुच्चेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है. यह पहले एक फ्रांसीसी उपनिवेश था. पुदुच्चेरी का नाम पॉन्डिचेरी इसके सबस बड़े जिले पुदु्च्चेरी के नाम पर पड़ा है. भारत का यह क्षेत्र करीब तीन सौ वर्षों तक फ्रांस का उपनिवेश बना रहा था. यही वजह है कि आज भी यहां फ्रांसीसी वास्तुशिल्प और संस्कृति देखने को मिल जाती है. पुराने समय में यह फ्रांस के साथ होने वाले व्यापार का मुख्य केंद्र था. जबकि आज यह पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है. 

पुदुच्चेरी की कुल आबादी 12,47, 953 है. जबकि इसका घनत्व 2,536 किलोमीटर है. यहां रहने वाले ज्यादातर लोगों में तमिल मूल के हैं. जबकि यहां अंग्रेसी, तमिल और तेलगु भाषा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.

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पुदुच्चेरी भारत के दक्षिणी हिस्से में बसा हुआ है. पुदुच्चेरी जिला और कराइकाल जिले की सिमाएं तमिलनाडु से लगती हैं. जबकि यनम और माहे जिले की सीमा आंध्र प्रदेश और केरल से लगती है. पुदुच्चेरी देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला 29 राज्य है. 

पुदुच्चेरी में मुख्य रूप से लोग पर्यटन पर निर्भर हैं. यही वजह है कि यहां के आय का एक बड़ा श्रोत पर्यटन से आता है. देश और दुनिया से लोग यहां फ्रांसीसी जमाने में बनाई गई चीजों को देखने आते हैं. पर्यटन के अलावा यहां की आबादी मछली पालन पर भी निर्भर करती है. 

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पुदुच्चेरी में लोकसभा की एक सीट है. ऐसे में यहां स्थानीय पार्टियों के साथ-साथ राष्ट्रीय पार्टियों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है. स्थानीय पार्टियों मे जहां डीएमके यहां खाफी मजबूत है वहीं एआईएडीएमके से भी अन्य पार्टियों को कड़ा मुकाबला मिलता है. वहीं दूसरी तरफ राज्य में बीजेपी और कांग्रेस भी अन्य पार्टियों के लिए कड़ी चुनौती की तरह है. 



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