कांग्रेस ने पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी में अजय राय को ही क्यों बनाया उम्मीदवार? जानें सियासी मायने

Elections 2019: कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वर्तमान पिंडरा विधानसभा सीट से विधायक अजय राय (Ajay Rai) को उम्मीदवार घोषित किया है.

नई दिल्ली:

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वर्तमान पिंडरा विधानसभा सीट से विधायक अजय राय (Ajay Rai) को उम्मीदवार घोषित किया है. वाराणसी संसदीय सीट पर पिछली बार 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अजय राय (Ajay Rai) को ही प्रत्याशी बनाया था. जिसमें उन्हें कुल 75,614 वोट मिले थे. पहले पर पीएम मोदी नरेंद्र मोदी (5,16,593 वोट) और दूसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल (2,09,238 वोट) थे. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में अजय राय (Ajay Rai) काफी पीछे रह गए थे, लेकिन विधानसभा चुनावों की बात करें तो यहां पिछले 20 सालों से उनका ही सिक्का चल रहा है.

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उत्तर प्रदेश में वाराणसी संसदीय सीट की पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले अजय राय (Ajay Rai) भी पूर्वाचल के बाहुबलियों में ही शुमार किए जाते हैं. जिले की यह एकलौती विधानसभा है, जिसका इतिहास काफी रोचक रहा है. कभी कोलअसला के नाम से बहुचर्चित यह सीट कम्युनिस्टों का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन सीपीआई नेता उदल के इस किले में अजय राय (Ajay Rai) ने ऐसी सेंध लगाई कि पिछले 20 वर्षों से उन्हें हराने में यहां कोई कामयाब नहीं हो पाया. दरअसल, वर्ष 2012 में हुए नए परिसीमन में कोलअसला का नाम बदलकर पिंडरा रख दिया गया. यह सीट भी वाराणसी संसदीय सीट के अंतर्गत ही आती है.

साल 1996 के विधानसभा चुनाव में अजय राय (Ajay Rai) ने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में उदल को नजदीकी मुकाबले में हरा दिया. वर्ष 1996 के बाद से ही अजय राय (Ajay Rai) ने इस विधानसभा सीट को एक सुरक्षित किले के रूप में तब्दील कर लिया. इसके बाद वर्ष 2002, 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीते. इसके बाद 2009 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीते. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के उम्मीदवार जय प्रकाश को हरा दिया. पिछले चुनाव में अजय राय (Ajay Rai) को 52863 मत मिले थे, जबकि जयप्रकाश को लगभग 43 हजार वोट मिले.

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पिंडरा विधानसभा  सीट उदल के नाम से ही जानी जाती थी, लेकिन अजय राय (Ajay Rai) ने पिछले पांच चुनावों में इस सीट से जीत हासिल की है. यहां इलाके के स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय राय (Ajay Rai) ने यहां के हर वर्ग के लिए काम किया है. समाज का हर वर्ग उन्हें पसंद करता है.

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