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गढ़चिरौली में 6 और नक्सली मारे गए, 5 विधायक थे निशाने पर?

गढ़चिरौली के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गए महाराष्ट्र विधायकों का पांच सदस्यीय दल उन नक्सलियों के निशाने पर हो सकता था जिनमें से सोलह को सुरक्षा बलों ने रविवार को मार गिराया था.

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गढ़चिरौली में 6 और नक्सली मारे गए, 5 विधायक थे निशाने पर?

दो दिन में 22 नक्सली मारे गए हैं. (फाइल फोटो )

खास बातें

  1. गढ़ चिरौली में 2 दिन के अंदर 22 नक्सली ढेर
  2. नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान
  3. 5 विधायक हो सकते थे नक्सलियों का निशाना : सूत्र
मुंबई:

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों के खिलाफ दूसरे बड़े ऑपेरशन में अहेरी तहसील में खांदला राजाराम इलाके के जंगल में  हुई मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए हैं. सोमवार शाम को हुई इस मुठभेड़ में नक्सलियों के कमांडर नंदू के मारे जाने की खबर है. नक्सलियों के पास से इंसास रायफल भी बरामद हुई है. इसके पहले रविवार को भामरागढ़ में 16 नक्सलियों को मारने में सफलता मिली थी. दो दिन में 22 नक्सलियों को मार गिराने की ये पिछले 2 दशक में अब तक की सबसे बड़ी करवाई बताई जा रही है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. पुलिस महानिरीक्षक ( नक्सल विरोधी अभियान ) शरद शेलार ने बताया कि मुठभेड़ जिले के जिमालगट्टा इलाके में राजाराम खांदला जंगल में हुई. इस अभियान में जिला पुलिस के विशिष्ट सी-60 कमांडो शामिल थे. ​

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वहीं मिली जानकारी के मुताबिक गढ़चिरौली के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गए महाराष्ट्र विधायकों का पांच सदस्यीय दल उन नक्सलियों के निशाने पर हो सकता था जिनमें से सोलह को सुरक्षा बलों ने रविवार को मार गिराया था. आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. सावधानी के तौर पर विधायकों के दल को पुलिस कमांडों के कड़े सुरक्षा घेरे में यात्रा की इजाजत दी गई थी.  इन विधायकों की भामरगढ़ के दूरस्थ इलाकों व कुछ अत्यधिक खतरे वाले क्षेत्रों की यात्रा करनी थीं. पुलिस ने एक जगह पर खुफिया सूचनाओं के आधार पर संभावित 'गंभीर खतरा' जताते हुए विधायकों को अहेरी से भामरगढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने से बचने की सलाह दी. यह दूरी करीब 75 किमी की थी. यह सड़क घने जंगलों व नक्सली ठिकानों व क्षेत्रों से गुजरती है. 

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इसके बाद, विधायकों के लिए अहेरी से भामरगढ़ के लिए एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई और हेलीपैड से हेमलकासा आश्रम की करीब पांच किमी की दूरी विधायकों ने वाहन से तय की. हेमलकसा आश्रम की स्थापना प्रसिद्ध समाज सुधार बाबा आम्टे ने की थी. इन पांच विधायकों में पांडुरंग बरोरा, वैभव पिचद, आनंद ठाकुर (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से) तथा शांताराम मोरे व अमित घोडा (शिवसेना से) शामिल थे.

 



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