कोरोना से कितना सुरक्षित है आपका बच्चा? मासूमों में तेजी से फैलता है COVID-19

कई स्टडी में छोटे बच्चों को कोरोनावायरस (Coronavirus) से सुरक्षित बताया गया लेकिन मुंबई (Mumbai COVID-19) के आंकड़े जरा सोचने पर मजबूर करते हैं.

कोरोना से कितना सुरक्षित है आपका बच्चा? मासूमों में तेजी से फैलता है COVID-19

देश में कोरोना के मामले 39 लाख पार हो गए हैं. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • देश में कोरोना के मामले 39 लाख पार
  • बच्चों में तेजी से फैलता है COVID-19
  • मुंबई में 2671 बच्चे कोरोना पॉजिटिव
मुंबई:

भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus India Report) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. संक्रमितों की संख्या 39 लाख पार हो गई है. इस भ्रम में ना रहें कि बच्चे कोरोना से बिल्कुल सुरक्षित हैं. ऐसे दावे कुछ स्टडी में किए गए थे लेकिन मुंबई (Mumbai Coronavirus) में अब तक 9 साल से छोटे 2,671 बच्चे कोरोना पॉजिटिव हुए हैं. वहीं 9 साल से छोटे 12 बच्चों की अब तक मौत हुई है. इधर, एक स्टडी कहती है कि बिना लक्षण वाले बच्चे तेजी से कोरोना (COVID-19) फैलाते हैं.

कोरोना के खौफ से बेखबर नन्हे मासूम बच्चे यूं बिना मास्क बाहर ना निकलें. ये जिम्मेदारी माता-पिता की ही है, पर बच्चे मास्क लगाने को तैयार नहीं हैं. एक पिता कहते हैं, 'मास्क लगाता हूं लेकिन निकाल कर फेंक देता है. अभी क्या करें बाप परेशान, मां परेशान, सब परेशान. अभी कैसे लगाऊं छोटा बच्चा है. अब इसको क्या मालूम, कैसे मास्क लगाना है, ले लेता है भले लेकिन लगाता नहीं है.'

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कई स्टडी में छोटे बच्चों को इस वायरस से सुरक्षित बताया गया लेकिन मुंबई के आंकड़े जरा सोचने पर मजबूर करते हैं. मुंबई में 9 साल से कम उम्र के 2,671 बच्चे अब तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और 12 बच्चों की मौत भी हो चुकी है. मुंबई में सायन इलाके के एक वरिष्ठ डॉक्टर के पास भी ऐसे मामले पहुंचे हैं. डॉक्टर निलेश सावला कहते हैं, 'एक बच्चा मेरे पास आया था, जुलाब उल्टी, तेज बुखार था. बच्चा जब आया मेरे पास तो पल्सेस वीक थे. बच्चा सुस्त और डिहाइड्रेशन में था. मैंने एडमिट करने को कहा लेकिन पैरेंट्स डरे हुए थे. बड़े अस्पताल जैसे कि सायन अस्पताल, वाडिया अस्पताल में भर्ती करने को कहा था लेकिन उन्होंने बोला की सायन वाडिया में कोरोना के मरीज हैं, इसलिए कहीं आसपास भर्ती कर दिया और बच्चे की दो दिन में डेथ हो गई.'

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हीरानंदानी-फोर्टिस के एक अस्पताल में मार्च से अब तक कोविड के 50 से ज्यादा नन्हें मरीज भर्ती हुए हैं. अस्पताल के डॉक्टर कुमार साल्वी ने कहा, 'फोर्टिस के एक्सपीरिएंस की बात करें तो मार्च से अभी तक 50-60 ऐसे मरीजों को भर्ती कर चुके हैं. ज्यादातर बच्चे रिकवर होकर गए हैं. जनरली ये बच्चे बिना लक्षण वाले होते हैं या काफी माइल्ड सिम्प्टम भी रहता है. 90-95 फीसदी में वायरल इलनेस जैसे लक्षण होते हैं, जैसे कि कफ, कोल्ड, फीवर. जो सीवियर सिम्प्टम वाले होते हैं, उनको पहले से कोई बीमारी होती है जैसे क्रोनिक लंग, लीवर, हार्ट डीज़िज़, उनमें सेविरयटी ज्यादा रहती है.'

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मुंबई में बच्चों के पॉजिटिव होने की दर जहां 2 फीसदी से कम है तो मौत की दर 1 फीसदी भी नहीं है लेकिन विदेशी रिसर्च में पाया गया है कि बिना लक्षण वाले बच्चों से इसका वायरस तेजी से फैलता है. मुंबई के आयुष अस्पताल के डॉक्टर सुहास देसाई कहते हैं, 'एक एसिम्प्टमैटिक बच्चा जिसमें कोविड का वायरस है और एक अडल्ट पेशेंट जो हॉस्पिटल में एडमिट है, दोनों को अगर कम्पेयर करें तो जो दोनों का वायरल लोड है, एसिम्प्टमैटिक बच्चा जो घर में बैठा है उसमें ज्यादा पाया गया है. तो बच्चों में ज्यादा है. ऐज कम्पेयर्ड तो अडल्ट्स. इस कारण से जो वायरल स्प्रेड है वो बच्चों की वजह से ज्यादा रहने के चांसेस हैं.' बच्चों में कोविड के असर पर दुनियाभर में स्टडी जारी है पर ऐसी तस्वीरें बच्चों के साथ-साथ घर के बुजुर्गों के लिए भी चिंतित करती हैं.

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