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मुंबई : दो दोस्तों के बीच हुई तीसरे शख्स की इंट्री, जमकर हुई मारपीट फिर मौत...

दोस्ताना में तीसरे की एंट्री उसे इतनी नागवार गुजरी की मारपीट पर उतारू हो गया नतीजा उस झगड़े में उस तीसरे की जान चली गई औऱ वो खुद जेल की सलाखों के पीछे.

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मुंबई : दो दोस्तों के बीच हुई तीसरे शख्स की इंट्री, जमकर हुई मारपीट फिर मौत...

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई: दोस्ताना में तीसरे की एंट्री उसे इतनी नागवार गुजरी की मारपीट पर उतारू हो गया नतीजा उस झगड़े में उस तीसरे की जान चली गई औऱ वो खुद जेल की सलाखों के पीछे. हैरान कर देने वाली ये वारदात बांद्रा की है, जहां गारमेंट व्यवसाई आसिफ रहा करता है. पेशे से इंजीनियर धवल उनादकट और आसिफ में दोस्ताना था. लेकिन शनिवार 3 नवंबर को पता नही क्यों आसिफ धवल का फोन ही नहीं उठा रहा था. धवल को चिंता हुई और रविवार 4 नवंबर को सुबह 10 बजे वो बांद्रा में आसिफ के घर पहुंच गया. आसिफ ने दरवाजा खोला...धवल घर में घुसा और देखता क्या है कि पलंग पर दूसरा कोई युवक सो रहा है. 

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बांद्रा पुलिस थाने के प्रभारी पुलिस निरीक्षक गिरीश अनवकर के मुताबिक, उस तीसरे शख्स को देख धवल नाराज हो गया और फिर आसिफ और उसमे झगड़ा शुरू हो गया. तभी पलंग पर सो रहे तीसरे शख्स की नींद खुल गई. उसने देखा कि धवल के हाथ में चाकू है. कांपती आवाज में उसने पूछा कि ये क्या हो रहा है? इसी बीच धवल ने चाकू छोड़ तार लिया और आसिफ का गला घोंटने लगा. अपने दोस्त आसिफ को खतरे में देख तीसरा शख्स हिम्मत जुटा उसे बचाने दौड़ा तो धवल ने लकड़ी का फूलदान उसके सिर पर दे मारा. फूलदान सिर के पिछले हिस्से में लगा. खून निकल आया और तीसरा शख्स गिर गया. उसे गिरता देख धवल भी घबरा गया और आसिफ भी. दोनों ने आपसी झगड़ा छोड़ उस तीसरे युवक को उठाया और होली स्पिरिट अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने बताया कि जख्म गहरा है और फ्रैक्चर भी है. 

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डॉक्टरों ने टांका लगाना चाहा, लेकिन जख्मी शख्स ने मना कर दिया. वो चाहता था कि डॉक्टर ऐसी कोई अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे बिना टांका लगाए जख्म ठीक हो जाये. डॉक्टरों उनके पास ऐसी किसी तकनीक होने से इनकार कर लीलावती अस्पताल जाने की सलाह दी. पुलिस के मुताबिक, तीनों लीलावती अस्पताल पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने एमआरआई निकालने की सलाह दी लेकिन घायल युवक तैयार नहीं हुआ. जरूरी दवाई देकर और जख्म सीने की बजाय एक खास लोशन लगाकर उसे घर जाने दिया गया. उसके बाद तीनों फिर आसिफ के घर गये. वहां आसिफ और घ्याल युवक दोनों सो गए और धवल अपने घर बोरीवली आ गया. 

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उसी दिन शाम 6 बजे जब आसिफ की नींद खुली और उसने सो रहे अपने घायल दोस्त को जगाने के लिए हाथ लगाया तो उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था. वो हिल-डुल नहीं रहा था बस निढाल पड़ा था. आसिफ घबरा गया. किसी तरहं उसे ऑटो रिक्शा में डाल लीलावती अस्पताल ले गया, लेकिन तब तक उसके दोस्त की मौत हो चुकी थी. मृतक पार्थ रावल कंप्यूटर इंजीनियर था और आसिफ से उसका अभी नया दोस्ताना शुरू हुआ था. दो वो के बीच में तीसरे वो के दखल से मामला इस कदर बिगड़ गया कि एक की जान चली गई और दूसरा सलाखों के पीछे. बांद्रा पुलिस ने हत्या और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर धवल को गिरफ़्तार कर लिया है.

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