NDTV Khabar

राज ठाकरे से पूछताछ से पहले ED को हिंसा की आशंका, नोटिस जारी कर दी हिदायत

ED को अंदेशा है कि राज ठाकरे से पूछताछ से पहले मनसे के समर्थक हिंसा कर सकते हैं. लिहाजा, ED ने एक नोटिस जारी किया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. मनसे प्रमुख को 22 को ईडी के सामने होना है पेश
  2. ईडी ने राज ठाकरे को जारी किया एक और नोटिस
  3. राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से की अपील
नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नोटिस के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को 22 अगस्त को पूछताछ के लिए आना है. इसे लेकर अभी से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. ED को अंदेशा है कि राज ठाकरे से पूछताछ से पहले मनसे के समर्थक हिंसा कर सकते हैं. लिहाजा, ED ने इस बाबत एक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में कहा गया है कि अगर मनसे के समर्थकों द्वारा किसी तरह की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसके लिए राज ठाकरे को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा. बता दें कि मनसे समर्थकों द्वारा हिंसा की आशंकाओं के बीच दक्षिण मुंबई स्थित ED के दफ्तर के बाहर और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है. ताकि मनसे के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में ED दफ्तर के बाहर जमा न हो पाएं.

आज जो कश्मीर में हुआ है, वह कल विदर्भ और परसों मुंबई में भी हो सकता है : राज ठाकरे


इन सब के बीच ED द्वारा राज ठाकरे को पूछताछ के लिए बुलाए जाने से खफा होकर एक एमएनएस कार्यकर्ता प्रवीण की खुदकुशी पर दुख जताया . साथ ही उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है. राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से कल ED दफ़्तर के पास इकट्टा नही होने और अपने इलाकों में शन्ति बनाये रखने की अपील है.

मौसम विभाग के खिलाफ अफवाह फैलाने का मामला दर्ज करना चाहिए : राज ठाकरे

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज ठाकरे को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोहिनूर सीटीएनएल लोन मामले से जुड़ी पूछताछ में हिस्सा लेने के लिए नोटिस भेजा था. ईडी ने राज ठाकरे को 22 अगस्त को पेश होने को कहा है. वहीं, ईडी ने इस मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता मनोहर जोशी के बेटे उन्मेष जोशी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है. उन्मेष जोशी की कंपनी कोहिनूर सीटीएनएल पर आरोप है कि उसने अपने माध्यम से कोहिनूर मिल की जमीन खरीदी गई थी. इस पर कोहिनूर स्क्वायर नाम की बहुमंजिला इमारत बनाई गई.

टिप्पणियां

EVM के विरोध में एकजुट हुए विपक्ष के नेता, पहली बार राज ठाकरे कांग्रेस के साथ

बता दें कि इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनैंसियल सर्विसेज (IL&FS) के जरिए निवेश किया गया था. ईडी IL&FS द्वारा कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी को दिए कर्ज और इन्वेस्टमेंट की भी जांच कर रही है. इस मामले को लेकर ईडी ने अभी तक कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं. इससे पहले मामले में ईडी कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement