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महाराष्ट्र सरकार छात्राओं, ग्रामीण महिलाओं को सस्ते सैनिटरी नैपकिन देगी

इस योजना के तहत जिला परिषद स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन पांच रुपये प्रति पैकेट जबकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को यह 24 और 29 रुपये प्रति पैकेट की दर से उपलब्ध होगी. मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजना औपचारिक रूप से आठ मार्च को शुरू की जाएगी.

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महाराष्ट्र सरकार छात्राओं, ग्रामीण महिलाओं को सस्ते सैनिटरी नैपकिन देगी

महाराष्ट्र सरकार छात्राओं, ग्रामीण महिलाओं को सस्ते सैनिटरी नैपकिन देगी (प्रतीकात्मक फोटो)

मुंबई: ऐसे वक्त में जब मासिक धर्म चक्र से जुड़ी भ्रांतियों को खत्म करने के प्रयास जारी हैं, महाराष्ट्र सरकार राज्य में छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सस्ते दरों पर सैनिकटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए ‘अस्मिता योजना’ शुरू कर रही है. महाराष्ट्र सरकार सस्ते दरों पर सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की यह योजना अगले महीने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, आठ मार्च से शुरू करेगी.

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इस योजना के तहत जिला परिषद स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन पांच रुपये प्रति पैकेट जबकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को यह 24 और 29 रुपये प्रति पैकेट की दर से उपलब्ध होगी. मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजना औपचारिक रूप से आठ मार्च को शुरू की जाएगी.

योजना को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और अभिनेता अक्षय कुमार लॉन्च करेंगे. हाल ही में रिलीज हुई अक्षय की फिल्म ‘पैडमैन’ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में मासिक धर्म चक्र के दौरान स्वच्छता के विषय पर आधारित है. ‘अस्मिता योजना’ की घोषणा पिछले वर्ष महिला एवं बाल तथा ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने की थी.

अधिकारी का कहना है कि महाराष्ट्र में 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में मासिक धर्म चक्र के दौरान स्वच्छता को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है. ‘इनमें से सिर्फ17 प्रतिशत सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं.’

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उनका कहना है कि सैनिटरी नैपकिन के इस्तेमाल में कमी के कई कारण हैं, जैसे... उनका मूल्य ज्यादा होना, ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध नहीं होना और पुरूष दुकानदारों से इसे खरीदने के दौरान पैदा होने वाली अजीबो-गरीब स्थिति.

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इनपुट-भाषा

 


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