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सात दिन के भीतर 3 लाख चूहे कैसे मारे जा सकते हैं, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने की जांच की मांग

खडसे ने कहा कि इसका यह मतलब भी है कि कंपनी ने हर मिनट 31.68 चूहे मारे. उनका वजन करीब9,125.71 किग्रा होगा और मरे हुए चूहों को मंत्रालय से ले जाने के लिए रोजाना एक ट्रक की जरूरत पड़ी होगी.

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सात दिन के भीतर 3 लाख चूहे कैसे मारे जा सकते हैं, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने की जांच की मांग

खडसे की फाइल फोटो

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सचिवालय में चूहे मारने के लिए दिए ठेके पर सवाल खड़े होने लगे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने गुरुवार को कहा कि मंत्रालय( राज्य सचिवालय) में चूहों को मारने के लिए दिए गए एक ठेके पर जिस तरह से काम किया गया, उसकी जांच जरूरी होनी चाहिए. उन्होंने विधानसभा में कहा कि 3,19,400 चूहों को मारने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया गया था, उसने महज सात दिनों में यह काम कैसे कर दिया यह भी एक बड़ा सवाल है. इसके साथ ही उन्होंने बजट मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि बीएमसी ने शहर में छह लाख चूहों को मारने के लिए दो साल का समय लिया था. ऐसे में सचिवालय के अंदर तीन मौजूद तीन लाख से ज्यादा चूहों को महज सात दिन में कैसे मारा जा सकता है.

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खडसे ने दावा किया कि बीते दिनों एक सर्वेक्षण में पाया गया था कि मंत्रालय में 3,19,400 चूहे हैं. इन्हें मारने के लिए एक कंपनी को छह महीने का समय दिया गया, लेकिन इस कंपनी ने महज उसने महज सात दिन में सभी चूहों को मार दिया. इसका मतलब है कि कंपनी ने हर दिन 45,628.57 चूहे मारे. 

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खडसे ने कहा कि इसका यह मतलब भी है कि कंपनी ने हर मिनट 31.68 चूहे मारे. उनका वजन करीब9,125.71 किग्रा होगा और मरे हुए चूहों को मंत्रालय से ले जाने के लिए रोजाना एक ट्रक की जरूरत पड़ी होगी. लेकिन यह नहीं पता कि उन्हें इन चूहों को फेंका कहां. पूर्व राजस्व मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सरकार एक कंपनी को यह काम सौंपने की बजाय इस काम के लिए 10 बिल्लियों को लगा सकती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय के परिसर में कंपनी द्वारा रखे गए जहर को खाकर धर्मा पाटिल नाम के एक किसान ने फरवरी में आत्महत्या कर ली थी.

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पाटिल ने भूमि अधिग्रहण को लेकर मुआवजा दिए जाने में अन्याय होने का आरोप लगाते हुए मंत्रालय में जहर खा लिया था और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई थी. खडसे ने कहा कि इस बारे में कोई सूचना नहीं है कि क्या कंपनी को जहर का इस्तेमाल करने की इजाजत थी, या नहीं.

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और क्या कंपनी को मंत्रालय में जहर का भंडार रखने की इजाजत थी. उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि यह बहुत आश्चर्यजनक है कि इस कंपनी ने महज सात दिनों में तीन लाख से अधिक चूहों को मार दिया. कंपनी के दावे में विसंगति है.(इनपुट  भाषा से) 


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