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महाराष्ट्र में दही-हांडी में होगा हेलमेट और गद्दों का इंतजाम, सरकार ने दिया हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दिया हलफनामा, कहा- पुलिस कमिश्नर ने आयोजन करने वालों को दिशा निर्देश जारी किए

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महाराष्ट्र में दही-हांडी में होगा हेलमेट और गद्दों का इंतजाम, सरकार ने दिया हलफनामा

महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी प्रतियोगिताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है.

खास बातें

  1. पुलिस के निर्देश- हिस्सा लेने वाले सभी लोगों का पंजीकरण किया जाए
  2. आयोजन स्थल पर नायलोन की रस्सी का मजबूत जाल तैयार रहे
  3. आयोजन स्थल पर फर्स्ट एड और एंबुलेंस तैयार रखी जाए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में दही हांडी प्रतियोगिताओं के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं.

पुलिस ने आयोजन करने वालों को दिए गए दिशानिर्देशों में कहा है कि सभी दाही हांडी आयोजनों के लिए गद्दों और मेट्रेस की लेयर का इंतजाम हो. हिस्सा लेने वाले गोविंदा का बीमा हो और उन्हें चेस्ट गार्ड हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट मुहैया कराए जाएं. हिस्सा लेने वाले सभी लोगों का पंजीकरण हो.

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि हर आयोजन स्थल पर नायलोन की रस्सी का मजबूत जाल तैयार रहे. आयोजन स्थल पर फर्स्ट एड और एंबुलेंस तैयार रहे. जख्मी होने पर गोविंदा को तुरंत मेडिकल सुविधा दी जाए और फौरन अस्पताल भेजा जाए. गोविंदा के लिए दिए जाने वाले वाहन में किसी तरह की लाठी या हथियार न हो. शराब का नशा किए हुए व्यक्ति को आयोजन में हिस्सा न लिया जाने दिया जाए. आयोजन के लिए तैयार स्टेज पूरी तरह मजबूत हो और ज्यादा लोगों को स्टेज पर न चढ़ाया जाए.

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पुलिस ने कहा है कि पानी में किसी तरह के नुकसानदेह कैमिकल न मिलाए जाएं. आयोजन के लिए निगम, पुलिस, फायर और अन्य संबंधित विभागों से पहले अनुमति ली जाए.

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगा. इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दही-हांडी में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भाग लेने की इजाजत मांगी थी. सरकार ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट यह इजाजत दे दे, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन बच्चों के साथ कोई दुर्घटना न हो. सरकार यह भी देखेगी कि बच्चों के लिए क्रेन आदि का इस्तेमाल करे.

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सरकार ने कहा है कि दही हांडी 15 अगस्त को होना है इसलिए कोर्ट अपने आदेशों में नरमी बरते. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वह क्या-क्या कदम उठाएगी इसके लिए एक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करे.

महाराष्ट्र में दही-हांडी मामले पर सुनवाई करते हुए पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि दही-हांडी की ऊंचाई 20 फुट से ज्यादा नहीं बढ़ेगी. याचिकाकर्ता ने कहा था कि बच्चों पर रोक के लिए वह तैयार हैं, लेकिन 20 फुट की ऊंचाई पर रोक हटाई जानी चाहिए. देश-विदेश में दही-हांडी प्रसिद्ध है और पिरामिड की ऊंचाई गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुकी है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि क्या आप ओलिंपिक में मेडल भी लाते हैं. अगर आप मेडल लाएंगे तो हमें खुशी होगी.

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गौरतलब है कि पिछले साल 17 अगस्त को महाराष्ट्र में दही हांडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था और बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था. इसके मुताबिक इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे भाग नहीं लेंगे और दही हांडी की ऊंचाई 20 फुट से ज्यादा नहीं रहेगी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह मामले की अक्टूबर में सुनवाई जारी रखेगा.

इससे पहले सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दही हांडी के खिलाफ याचिकाकर्ता स्वाति पाटिल को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरानी याचिका का निस्तारण हो चुका है. याचिका को दोबारा शुरू किया जा रहा है.

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राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 2014 के आदेशों में स्पष्टता देने की गुहार लगाई थी, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही-हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी और साथ ही हाईकोर्ट के 20 फुट की ऊंचाई सीमित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी. सरकार का कहना है कि क्या यह आदेश एक साल के लिए था या अभी भी लागू है?

VIDEO : मामला सुप्रीम कोर्ट में 

महाराष्ट्र सरकार की ओर से एएसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही-हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया.


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