कोविड ग्राफ़ में सबसे ऊपर चल रहा महाराष्ट्र झेल रहा ऑक्सीजन की क़िल्लत

दस लाख पार मामले और क़रीब 29 हज़ार मौतों के कारण कोविड (Covid-19) ग्राफ़ में सबसे ऊपर चल रहा महाराष्ट्र (Maharashtra) ऑक्सीजन की बड़ी क़िल्लत झेल रहा है.

कोविड ग्राफ़ में सबसे ऊपर चल रहा महाराष्ट्र झेल रहा ऑक्सीजन की क़िल्लत

महाराष्ट्र को ऑक्सीजन सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

मुंबई:

दस लाख पार मामले और क़रीब 29 हज़ार मौतों के कारण कोविड (Covid-19) ग्राफ़ में सबसे ऊपर चल रहा महाराष्ट्र (Maharashtra) ऑक्सीजन की बड़ी क़िल्लत झेल रहा है. बताया जा रहा है की ज़रूरत का 60% ऑक्सीजन ही मिल पा रहा है इसलिए ख़ासतौर से ग्रामीण इलाक़ों में मौतें बढ़ रही हैं.

महाराष्ट्र, गम्भीर मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन की बड़ी क़िल्लत झेल रहा है! इंडियन मेडिकल एसोसियेशन के मुताबिक़ कुल ज़रूरत का सिर्फ़ 60% ही मिल पा रहा है. डॉ अविनाश भोंडवे (आईएमए महाराष्ट्र) ने बताया , ''जितनी ज़रूरत है उसका सिर्फ़ 60% ही सप्लायी हो रहा है. प्रशासन की बहुत बड़ी विफलता है. महाराष्ट्र के शहरी और ख़ासकर ग्रामीण इलाक़ों में ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है. महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर, सातारा, ओसमानाबाद, ठाणे, कोलहापुर ऐसे कई ज़िलों में ऑक्सीजन का सप्लाई बिल्कुल ही नहीं हो रहा है.''

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ऑक्सीजन के सप्लायी में कालाबाज़ारी बहुत बढ़ गयी है. आज ऑक्सीजन का सिलेंडर 500-1500 तक में हॉस्पिटल को मिल रहा है. दस या बीस गुना ज़्यादा. डॉ. उदय मोरे (कोविड हॉस्पिटल, ओसमानाबाद),'' ओसमानाबाद में ऑक्सीजन की बड़ी क़िल्लत है. वेंडर्स हमें ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पा रहे हैं, मरीज़ गम्भीर हुआ तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे, जल्द इसके तहत कोई कदम उठाना चाहिए.''

बता दें कि महाराष्ट्र में क़रीब 5 बड़े मैन्युफ़ैक्चरर हैं और क़रीब 80 रिफ़िलर्स जिनके ज़रिए राज्य के अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई होता है. कोविड के पहले क़रीब 20 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर क़ीमत थी. बताया जाता है की अब क़रीब 35 रुपय प्रति क्यूबिक मीटर में ऑक्सीजन, मैन्युफ़ैक्चर्ज़ द्वारा रिफ़िलर्स को मिल रहा है, और अस्पताल या जरूरतमंदों तक आते आते इसकी क़ीमत 45-50 रुपय तक पहुंच जाती है.

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गम्भीर मरीज़ को क़रीब 14 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन एक दिन में चाहिए होता है. राज्य में फ़िलहाल कोविड के 8505 गम्भीर मरीज़ हैं, और ऐसे मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन बेहद ज़रूरी है ! फ़ूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष अभय पांडे ऑक्सिजन की सप्लाई चेन में गड़बड़ी मानते हैं.

डॉ. अभय पांडे( अध्यक्ष, AFDLFH), ''एकाएक रेट का बढ़ जाना, दूसरी बड़ी बात की जो 80 रिफ़िलर्स हैं, FDA के साथ क्लब होकर ज़िलों के कोविड अस्पतालों की जवाबदारी दी गयी होती तो ये कमी महाराष्ट्र में नहीं आती, लेकिन ये एफडीए प्रशासन की मिसमैनेजमेंट कहें या क्या, जिसकी वजह से ये कमी है.''


फ़ूड एंड ड्रग फ़ाउंडेशन ने एफडीए महाराष्ट्र से  ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी रोकने की लिखित भी की है इधर राज्य सरकार ने एक समिति बनाने की बात कही है जो ऑक्सीजन सप्लाइअर से सम्पर्क में रहेगी. साथ ही अस्पतालों को ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विशेषज्ञों की देख रेख में इसका इस्तेमाल हो.

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