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मुंबई के स्कूल में आयरन की गोली खाने से छात्रा की मौत, 400 से ज्यादा बच्चे बीमार

बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अनुसार मृतक छात्रा ने मंगलवार को स्कूल में गोली खाई थी. इसके बाद वह बुधवार को भी स्कूल आई थी. बाद में उसकी तबीयत और बिगड़ी.

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मुंबई के स्कूल में आयरन की गोली खाने से छात्रा की मौत, 400 से ज्यादा बच्चे बीमार

आयरन की गोली खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत

मुंबई: मुंबई में नगर निकाय संचालित एक स्कूल में आयरन की गोली खाने से एक छात्रा की मौत हो गई जबकि 470 अन्य छात्रों गंभीर रूप से बीमार हो गए. मामले की जानकारी मिलने के बाद सभी छात्रों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. इस मामले को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि 12 वर्षीय एक लड़की को गोवंडी के बैंगनवाड़ी स्थित म्युनिसिपल उर्दू स्कूल नंबर 2 में आयरन और फॉलिक एसिड की गोलियां दी गई थीं. इसके बाद वह मंगलवार को स्कूल नहीं आई लेकिन बुधवार को वह स्कूल पहुंची थी और कल रात ‘खून की उल्टी’ की वजह से उसकी मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि लड़की की मौत के पीछे की वजह टीबी भी हो सकती है. फिलहाल मौत किस वजह से हुई इसकी जांच की जा रही है.

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हालांकि बीएमसी ने बयान में कहा है कि उसे लड़की की बीमारी के बारे में जानकारी नहीं है. बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावक इस खबर से परेशान हो गए और वे अपने बच्चों को लेकर घाटकोपर के राजवंडी अस्पताल और गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में गए. उन्होंने बताया कि सभी बच्चों की जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की सलाह दी गई है. पुलिस उपायुक्त (जोन छह) के शाहजी उपम ने बताया कि 471 बच्चों को जांच के लिए भर्ती कराया गया था जिनमें से अब भी 80 बच्चे अस्पताल में हैं.

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पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कर रही है. साथ ही पुलिस स्कूल के अध्यापकों और यहां काम करने वाले लोगों से पूछताछ की तैयारी में है. पुलिस ने मृतक छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत के कारणों का साफ तौर पर पता चल पाएगा. गौरतलब है कि स्कूल में कुछ खाने से छात्रों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले बीते साल बेंगलुरु से सटे शहर तुमकुर से तक़रीबन 70 किलोमीटर दूर चिक्कान्यकना हल्ली (Chikkanayakana) के विद्यावृद्धि रेजिडेंशियल स्कूल के हॉस्टल में रहने वाले तीन छात्रों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

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VIDEO: मिड डे मील खाने से बच रहे हैं बच्चे.


पुलिस के अनुसार डिनर के बाद अचानक इनकी हालत खराब होने लगी. इन लोगों को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन तीन छात्रों की मौत रास्ते में ही हो गई. इन तीनों की उम्र 14 से 15 साल के बीच है. इसी स्कूल के एक शिक्षक ने मीडिया को बताया कि रात में खाने के वक़्त सांभर ठीक नहीं दिख रहा था. इसमें से बदबू आ रही थी, इसलिए छात्रों को कहा गया था कि वे इसे नहीं खाएं. इस शिक्षक के मुताबिक शायद इन लड़कों और गार्ड ने गलती से इसे खा लिया जिस वजह से इनकी हालात खराब हुई. (इनपुट भाषा से) 


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