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मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- पुणे हिंसा की होगी न्‍यायिक जांच, युद्ध की सालगिरह बनाने को लेकर हुआ था तनाव

पुणे में सोमवार को हुई हिंसा के बाद तनाव पसरा हुआ है. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो गुटों में हुए टकराव में एक शख्स की मौत हो गई और 2 गाड़ियों को आग लगा दी गई, जबकि करीब 40 गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई.

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मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- पुणे हिंसा की होगी न्‍यायिक जांच, युद्ध की सालगिरह बनाने को लेकर हुआ था तनाव

मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- पुणे हिंसा की होगी न्‍यायिक जांच

खास बातें

  1. युवाओं की मौत मामले में सीआईडी जांच करेगी: देवेंद्र फडणवीस
  2. मृतकों के परिवार को 10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा: देवेंद्र फडणवीस
  3. पुणे में सोमवार को हुई हिंसा के बाद तनाव पसरा हुआ है
पुणे : पुणे में सोमवार को हुई हिंसा के बाद तनाव पसरा हुआ है. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो गुटों में हुए टकराव में एक शख्स की मौत हो गई और 2 गाड़ियों को आग लगा दी गई, जबकि करीब 40 गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई. इस मामले में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कोरेगांव हिंसा की न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देंगे. युवाओं की मौत मामले में सीआईडी जांच करेगी. मृतकों के परिवार को 10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा.

युद्ध हुआ था 200 साल पहले, सालगिरह पर हुई लड़ाई में एक व्यक्ति की मौत

पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवाओं को हराया था. ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में दलित थे. अंग्रेज़ों की इस जीत पर दलित जश्न मनाते हैं. एक गुट ने इसी जश्न का विरोध किया, जिसके बाद हिंसा भड़की. फिलहाल इलाक़े के हालात नियंत्रण में हैं.

पुलिस ने बताया कि जब लोग गांव में युद्ध स्मारक की ओर बढ़ रहे थे तो आज दोपहर शिरूर तहसील स्थित भीमा कोरेगांव में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है. हालांकि, उसकी पहचान और कैसे उसकी मौत हुई इसका अभी ठीक-ठीक पता नहीं चला है.

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हिंसा तब शुरू हुई जब एक स्थानीय समूह और भीड़ के कुछ सदस्यों के बीच स्मारक की ओर जाने के दौरान किसी मुद्दे पर बहस हुई. भीमा कोरेगांव की सुरक्षा के लिये तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘बहस के बाद पथराव शुरू हुआ. हिंसा के दौरान कुछ वाहनों और पास में स्थित एक मकान को क्षति पहुंचाई गई.’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद कुछ समय के लिये पुणे-अहमदनगर राजमार्ग पर यातायात रोक दिया.

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उन्होंने बताया कि गांव में अब हालात नियंत्रण में है. अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य रिजर्व पुलिस बल की कंपनियों समेत और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.’’ उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन नेटवर्क को कुछ समय के लिये अवरूद्ध कर दिया गया ताकि भड़काऊ संदेशों को फैलाने से रोका जा सके.


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