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शिवसेना और कांग्रेस ने इस वजह से की महाराष्ट्र सरकार की आलोचना...

ध्यान हो कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के करीब 17 लाख कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गये थे.

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शिवसेना और कांग्रेस ने इस वजह से की महाराष्ट्र सरकार की आलोचना...

शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना

मुंबई: शिवसेना और कांग्रेस ने विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली राज्य सरकार पर प्रहार किया. दोनों दलों ने कहा कि यह हड़ताल सरकार के विभिन्न मोर्चों पर विफल होने का परिणाम है. ध्यान हो कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के करीब 17 लाख कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गये थे. उनमें सातवें वेतन आयोग को लागू करने और रिक्त पदों को भरने की भी मांगें शामिल हैं. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा कि हडत़ाली कर्मचारियों पर कार्रवाई करने पर विचार करने की जगह सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए.इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि न केवल कर्मचारी, बल्कि किसान और राज्य परिवहन के कर्मचारी भी भाजपा सरकार से आजिज आ गये हैं.

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गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार पर हमला किया हो. इससे पहले शिवसेना प्रमुख ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की नानर रिफाइनरी परियोजना के लिये आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को तानाशाह बताया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा आपातकाल के खिलाफ मचाया जा रहा शोर महज तमाशा है. पार्टी मुखपत्र ‘ सामना ’ में प्रकाशित संपादकीय में शिवसेना ने यह भी कहा कि 44 अरब डॉलर की लागत से महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के नानर में विशाल रिफाइनरी परियोजना की नींव डालना कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखने सरीखा है. इसमें आरोप लगाया गया है, ‘‘ इस जहरीली परियोजना की वजह से लोग कैंसर, तपेदिक और सीने से संबंधित अन्य बीमारियों से पीड़ित होंगे.

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अगर यह परियोजना आपत्ति के बावजूद लोगों पर थोपी जा रही है तो यह आपातकाल सरीखा है.’’संपादकीय में आरोप लगाया गया है, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी को केंद्र और राज्य स्तर पर पर्यावरण मंत्रालय बंद कर देना चाहिये. जहां प्रकृति प्रेमी पर्यावरण के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं, वहीं केंद्र जहरीली परियोजना के साथ आ रहा है, जो इसे नष्ट कर देगा.’’ संपादकीय में कहा गया है कि नानर रिफाइनरी परियोजना से इलाके की पारिस्थितिकी और फसलों को नुकसान पहुंचेगा. संपादकीय में कहा गया है, ‘‘ मोदी-फडणवीस तानाशाही कर रहे हैं.

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अगर वे तानाशाह बनना चाहते हैं तो 43 साल पहले लगाए गए आपातकाल के खिलाफ उनके द्वारा मचाया जा रहा शोर महज तमाशा है.’’इसमें कहा गया है, ‘‘ जैसे हिटलर ने लाखों यहूदियों की हत्या की और हिंसा की, यह नानर परियोजना लोगों की उनके घरों में हत्या करने और गैस चैंबर में फंसाकर उनके जमीन को नुकसान पहुंचाने की साजिश है.’’

VIDEO: शिवसेना ने मोदी सरकार पर साधा निशाना.

इसमें कहा गया है कि फडणवीस ने प्रतिबद्धता जताई थी कि परियोजना इलाके के लोगों पर थोपी नहीं जाएगी और वहां पंचायत के लोगों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के समक्ष पहले ही अपना विरोध दर्ज कराया था. मोदी की जान को कथित तौर पर खतरा होने के बारे में बात करते हुए शिवसेना ने कहा कि उनसे मिलने वालों पर सख्त दिशा- निर्देश थोपे जा रहे हैं.  (इनपुट भाषा से) 


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