ठाणे महानगर पालिका ने अवैध इमारतें गिराने के नाम पर एक परिवार को किया बेघर

22 जुलाई को महानगर पालिका ने अपने कर्मचारियों को जो इमारत को तोड़ने का आदेश दिया था, कर्मचारियों ने उस इमारत की बजाय इमारत से सटे एक घर को पूरी तरह से तोड़ दिया.

ठाणे महानगर पालिका ने अवैध इमारतें गिराने के नाम पर एक परिवार को किया बेघर

ठाणे:

मुंबई से सटे ठाणे में आजकल जर्जर और अवैध इमारतों को तोड़ने का काम जोरशोर से चल रहा है. लेकिन इसी कार्रवाई ने एक परिवार को बेघर भी कर दिया है. दरअसल 22 जुलाई को महानगर पालिका ने अपने कर्मचारियों को जो इमारत को तोड़ने का आदेश दिया था, कर्मचारियों ने उस इमारत की बजाय इमारत से सटे एक घर को पूरी तरह से तोड़ दिया. यह घर 32 वर्षीय प्रशांत मदये का था जो कि उस समय काम पर गए हुए थे. काम से लौटने के बाद प्रशांत के होश उड़ गए जब उन्हें पता चला कि ठाणे महानगर पालिका के कर्मचारियों ने उनके घर को तोड़ दिया. प्रशांत ने इसकी शिकायत महानगर पालिका में की जिसने अपनी गलती मानकर प्रशांत को दोबारा घर बसा कर देने का वादा किया. लेकिन अब महानगर पालिका अपने वादे से मुकर रही है और इस घर को भी इमारत का ही भाग बता रही है.

एनडीटीवी से बात करते हुए ठाणे महानगर पालिका के उपायुक्त संदीप मालवे ने कहा कि इमारत से सटा प्रशांत का घर भी इमारत का ही हिस्सा है और इसलिए उसपर कार्रवाई की गई है. इस सब के बीच प्रशांत अब बेघर हैं और परिवार के साथ अपने एक रिश्तेदार के घर में रह रहे हैं. प्रशांत का आरोप है कि ठाणे महानगर पालिका ने यह कार्रवाई एक निजी बिल्डर के दबाव में आकर की है जिसकी नज़र इस जगह पर है.

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