NDTV Khabar

मध्य प्रदेश में कॉन्स्टेबलों की भर्ती पर विवाद, उम्मीदवारों के सीने पर प्रशासन ने लिखा- SC/ST

नव आरक्षकों (कांस्टेबल) के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान आरक्षित वर्ग के चयनित उम्मीदवारों के सीने पर ही उनके वर्ग अर्थात एससी-एसटी दर्ज कर दिया गया.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मध्य प्रदेश में कॉन्स्टेबलों की भर्ती पर विवाद, उम्मीदवारों के सीने पर प्रशासन ने लिखा- SC/ST

उम्मीदवारों की सीने पर ऐसे लगाया गया एससी-एसएसटी का चिन्ह

खास बातें

  1. मध्य प्रदेश के धार में कॉन्स्टेबल भर्ती पर विवाद.
  2. उम्मीदवारों के सीने पर लिखा एससी-एसटी.
  3. प्रशासन ने जांच के आदेश दिये.
घार: मध्य प्रदेश के पर्यटन विभाग का पर्यटकों को लुभाने वाला विज्ञापन 'एमपी गजब है, सबसे अजब है' बड़ा चर्चित हुआ था. अब तो लगता है कि हर मामले में इस राज्य का यही हाल है. अब देखिए, नव आरक्षकों (कांस्टेबल) के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान आरक्षित वर्ग के चयनित उम्मीदवारों के सीने पर ही उनके वर्ग अर्थात एससी-एसटी दर्ज कर दिया गया.

धार जिले में पिछले दिनों आरक्षकों की भर्ती का अभियान चला और इन दिनों उनका स्वास्थ्य परीक्षण चल रहा है. बता दें कि सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 168 सेमी. और एससी-एसटी के लिये 165 सेमी. लंबाई तय है. यहां आए उम्मीदवारों की पहचान के लिए जिला अस्पताल ने एक अनोखा तरीका अपनाया है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के सीने पर ही उनका वर्ग दर्ज कर दिया गया है. 

कुछ दिनों पहले महिला आरक्षकों की परीक्षा में गड़बड़ी के बाद इन दिनों व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. इस मामले में सीएमओ डॉ आरसी पनिका ने कहा ये मुझे मालून नहीं है इन दिनों मेडिकल चल रहा है ज़िला अस्पताल में लेकिन किसी भी कैंडिडेट के शरीर पर  एससी-एसटी लिखा है तो ये गंभीर है. दोषी के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी.

अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने निकाली हेड कॉन्स्टेबल के पदों पर वेकेन्सी, जल्द करें आवेदन

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने रविवार को आईएएनएस से चर्चा के दौरान बताया कि नव आरक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण चल रहा है, पिछली बार किसी तरह की चूक हो गई थी, इसके चलते अस्पताल प्रबंधन ने ऐसा किया होगा. उसके बावजूद ऐसा क्यों किया गया, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने सीने पर एससी-एसटी लिखे जाने की पुष्टि की है.

टिप्पणियां
VIDEO: रेलवे में 1 लाख नौकरियां, 2 करोड़ अर्ज़ी

लांकि, राज्य में यह इस तरह की पहली घटना नहीं है. पिछले साल राखी के वक्त भोपाल सेंट्रल जेल में बंद अपने पिता से मिलने गए दो बच्चों के चेहरे पर जेल अधिकारियों ने मुहर लगा दी थी, इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए जेल महानिदेशक से जवाब मांगा था. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement