नए उद्योगों को कानून के तहत हफ्ते भर में मिलेगी सरकारी मंजूरी : कमलनाथ

गणतंत्र दिवस समारोह में कहा, "हम जल्द ही कानून लाने जा रहे हैं जिसके तहत नयी इकाइयां लगाने वाले निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से अधिकतम सात दिनों की समयसीमा में सभी जरूरी मंजूरियां मिल जायेंगी."

नए उद्योगों को कानून के तहत हफ्ते भर में मिलेगी सरकारी मंजूरी : कमलनाथ

फाइल फोटो

खास बातें

  • औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए कानून लाएगी मध्यप्रदेश सरकार
  • राज्य सरकार आर्थिक गतिविधियां बढ़ाकर रोजगार पैदा करेगी
  • प्रदेश की नई औद्योगिक इकाइयों में 70% रोजगार मूल निवासियों को देना होगा
इंदौर:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ाकर रोजगार सृजन को गति प्रदान करने के लिये उनकी सरकार नया कानून बनाने जा रही है. इस कानून के तहत नए उद्योगों को अधिकतम सात दिन में सभी सरकारी मंजूरियां देने का प्रावधान किया जायेगा. कमलनाथ ने 71वें गणतंत्र दिवस पर यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली. उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में कहा, "हम जल्द ही कानून लाने जा रहे हैं जिसके तहत नयी इकाइयां लगाने वाले निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से अधिकतम सात दिनों की समयसीमा में सभी जरूरी मंजूरियां मिल जायेंगी." उन्होंने कहा, "अगर औद्योगिक निवेशकों को ये अनुमतियां सात दिन में नहीं मिलती हैं, तो कानूनी प्रावधानों के मुताबिक मान लिया जायेगा कि उन्हें ये अनुमतियां मिल चुकी हैं." 

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आर्थिक गतिविधियां बढ़ाकर नये रोजगार पैदा करने के लिये लॉजिस्टिक्स, कृषि प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन, टेक्सटाइल और कपड़ा निर्माण के क्षेत्रों में नया निवेश लाने पर खास ध्यान केंद्रित कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की नयी औद्योगिक इकाइयों में 70 प्रतिशत रोजगार सूबे के मूल निवासियों को दिया जाना अनिवार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार की अपार संभावनाओं वाले रियल्टी क्षेत्र में निवेशकों के लिये जरूरी मंजूरियों की तादाद को 27 से घटाकर पांच किया जा रहा है. कमलनाथ ने बताया कि कृषि जिंसों को सुरक्षित रखने के लिये सूबे में नयी योजना के तहत 30 लाख टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित की जायेगी.

उन्होंने कहा, "हम यह योजना इसलिये शुरू करने जा रहे हैं, ताकि मंडियों में फसलों के दामों में गिरावट पर किसानों को उनकी उपज कम दाम में बेचने पर मजबूर न होना पड़े." मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने खेती की लागत के मुकाबले फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में पर्याप्त वृद्धि नहीं की है. इसलिये प्रदेश सरकार किसानों को उनकी उपज का सही मोल दिलाने का प्रयास अपने बूते करेगी. उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर पर पहुंचाया जायेगा. 

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राज्य को आवंटित नर्मदा जल के पूर्ण दोहन के लिये वर्ष 2024 तक सभी संबंधित परियोजनाएं पूरी करने की कोशिश की जायेगी. कमलनाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 40 लाख आवासहीन परिवारों को आशियाना मुहैया कराया जायेगा. इसके साथ ही, नये प्रयोग के तहत शहरी क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को किराये पर मकान दिये जायेंगे और 15 साल तक सतत किराया भरने पर इन मकानों का मालिकाना हक उन्हीं के नाम कर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पिछले एक साल से बन रहीं 1,000 गौशालाएं जल्द शुरू हो जायेंगी. सभी गौशालाओं के पास पांच एकड़ का चारागाह भी तैयार किया जायेगा. गौशालाओं में पशुओं के भोजन के रूप में इस्तेमाल होने वाले चारा-भूसे के इंतजाम के लिये सरकारी अनुदान बढ़ाया गया है. राज्य में नयी गौशालाएं भी खोली जायेंगी.

 
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