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मध्यप्रदेश: ODF घोषित होने के बाद भी खुले में शौच करते हैं ग्रामीण, 45 पंचायतों के सरपंचों को हटाने का नोटिस

देश में शायद खुले में शौच से मुक्ति का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा मध्यप्रदेश के गुना जिले में उजागर हुआ है, जहां 45 पंचायतों के 155 गांवों को न केवल ओडीएफ घोषित कर दिया गया, बल्कि शासन को भी जानकारी भी भेज दी गई

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मध्यप्रदेश: ODF घोषित होने के बाद भी खुले में शौच करते हैं ग्रामीण, 45 पंचायतों के सरपंचों को हटाने का नोटिस

ODF घोषित होने के बाद भी खुले में शौच करते हैं ग्रामीण

खास बातें

  1. एमपी में खुले में शौच से मुक्ति का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा
  2. 45 पंचायतों के सरपंचों को हटाने का नोटिस
  3. ODF घोषित होने के बाद भी खुले में शौच करते हैं ग्रामीण
गुना: देश में शायद खुले में शौच से मुक्ति का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा मध्यप्रदेश के गुना जिले में उजागर हुआ है, जहां 45 पंचायतों के 155 गांवों को न केवल ओडीएफ घोषित कर दिया गया, बल्कि शासन को भी जानकारी भी भेज दी गई. मामला सामने आने के बाद 400 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश कर दी गई है. गुना प्रशासन के 300 कर्मचारियों ने तीन दिन तक गांव में रहकर पड़ताल की, जिसमें पता लगा कि ग्रामीण शौचालय का इस्तेमाल न कर खुले में ही शौच के लिए जा रहे हैं. 
   
यह भी पढ़ें: पंचायत मंत्री ओपी धनखड़ का ऐलान, 'हरियाणा नवंबर, 2017 तक 'ओडीएफ' राज्य बन जाएगा'
 
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 ODF घोषित होने के बाद भी खुले में शौच करते हैं ग्रामीण     

देश को 2019 तक खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिये ताबतोड़ लक्ष्य दिये जा रहे हैं स्थानीय स्तर के अधिकारियों पर इसे हासिल करने का जबर्दस्त दबाव है. गुना जिले के 1100 गांवों में अभी तक 155 गांव ही ओडीएएफ घोषित हुए थे, लेकिन उसमें भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ गया. ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत के साथ भोपाल से भी एनजीओ की टीम गुना आई थी. उन्होंने भी गांवों में पहुंचकर रिपोर्ट दी थी. 

VIDEO: बनेगा स्वच्छ इंडिया- खुले में शौच से मुक्ति के लिए उठाए गए कदम
लेकिन जिला पंचायत को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया है, वहां ग्रामीण शौचालयों की बजाए खुले में ही शौच के लिए जाते हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद एडीएम नियाज़ खान ने 45 पंचायतों के सरपंचों को पद से हटाने के लिये धारा-40 के नोटिस दिए हैं. 45 पंचायत सचिवों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है. 45 रोजगार सहायकों की संविदा सेवाएं समाप्त करने नोटिस दिए हैं.


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