केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला किया, यह है वजह 

मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक अधिकारी को 'सार्वजनिक हित' में तत्काल प्रभाव से समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला किया है.

केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला किया, यह है वजह 

प्रतीकात्मक फोटो.

भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक अधिकारी को 'सार्वजनिक हित' में तत्काल प्रभाव से समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला किया है. लोकायुक्त पुलिस ने मई 2014 में आईपीएस अधिकारी मयंक जैन (51) के ठिकानों पर छापा मारा था और उनके द्वारा अवैध तरीके से जमा की गई संपत्ति का खुलासा करने का दावा किया था. इन छापों के बाद जैन सेवा से निलंबित कर दिए गए थे. एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र को मार्च में जैन को समय से पहले सेवानिवृत्त करने के लिए कहा था.

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी आईपीएस अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का यह पहला मामला है. केंद्र के आदेश में कहा गया है, 'प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर सावधानीपूर्वक विचार और मयंक जैन, आईपीएस (1995) के प्रदर्शन पर विचार के बाद केंद्र का यह निष्कर्ष है कि सार्वजनिक हित में अधिकारी सेवा में बनाए रखने के लिए उपयुक्त नहीं है. इसलिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक हित में तुरंत प्रभाव से मयंक जैन को समय से पूर्व सेवा से सेवानिवृत्त करने का निर्णय किया है.'

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केंद्र सरकार द्वारा जैन के खिलाफ इस आदेश के तहत अखिल भारतीय सेवा, (मृत्यु तथा सेवा निवृति प्रसुविधायें) नियम, 1958 के नियम 16 के उप नियम 3 के तहत कार्रवाई की गई है. प्रदेश गृह विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार का यह आदेश मयंक जैन को 13 अगस्त सोमवार को दे दिया है.

 
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