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छत्तीसगढ़ : रमन सिंह सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर कैग के तल्ख तेवर

कहा- सरकार का वित्तीय प्रबंधन ठीक नहीं, अनुपूरक बजट लाने को अच्छा फाइनेंसियल प्रबंधन नहीं माना जा सकता

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छत्तीसगढ़ : रमन सिंह सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर कैग के तल्ख तेवर

छ्त्तीसगढ़ में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सरकार की रिपोर्ट सार्वजनिक की.

खास बातें

  1. सरकार ने बिजली कंपनी के दो हज़ार करोड़ के लोन की गारंटी ली
  2. लोन कहां से चुकाया जाएगा, इसका कोई उल्लेख नहीं
  3. सरकार करीब 2700 करोड़ की वसूली नहीं कर पा रही
रायपुर: छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर चुनावों से ठीक पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने कई सवाल उठाते हुए तल्ख लहज़े में कहा है कि अनुपूरक बजट लाने को अच्छा फाइनेंसियल प्रबंधन नहीं माना जा सकता.
कई विभाग ऐसे हैं जो अपने बजट को खर्च नहीं कर पाते उसके बावजूद वे सप्लेमेंट्री बजट की बात करते हैं.

छत्तीसगढ़ के महालेखाकार बीके मोहंती ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार की कुल आय 53685 करोड़ रुपये रही जबकि ख़र्च हुआ 58 हजार करोड़ रुपये. राज्य आपदा राहत निधि में 693.20 करोड़ अंतिम शेष था. इसमें कोई निधि का निवेश नहीं हुआ. वर्ष 2016-17 के लिए चुकाया हुआ ब्याज 31.43 करोड़ था, जिसके कारण राजस्व आधिक्य को अधिक दर्शाया गया एवं राजकोषीय घाटे को कम दर्शाया गया. सरकार को टैक्स से 18945 करोड़ रु, खनिज की रॉयल्टी से  5670 करोड़, केंद्र सरकार से 18800 करोड़ मिले. केंद्र से अलग-अलग 10260 करोड़ मिला.महिलाओं के लिए चलाई जा रही 25 योजनाओ में 1455 करोड़ बजट में प्रावधान था लेकिन 880 करोड़ ही खर्च कर पाई.

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सरकार ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना, बिजली में छूट, साईकल, किताब, बिजली पंप के लिए 4190 करोड़ की सब्सिडी दी. सिंचाई योजनाओं में 508 करोड़ खर्च किया जिसकी भरपाई उद्योगों को दिए गए पानी से 600 करोड़ सरकार को मिले. सरकार के 145 प्रोजेक्ट अधूरे हैं जिसमें 5900 करोड़ फंसा हुआ है. सरकार ने पब्लिक सेक्टर की 8 कंपनी में 6778 करोड़ निवेश किया लेकिन राज्य को उसका फायदा नहीं हुआ.
      
कैग ने कई अनियमितताओं को भी अपनी रिपोर्ट में उजागर किया है. कैग ने बताया कि सरकार ने बिजली कंपनी CSPDCL के दो हज़ार करोड़ के लोन की न सिर्फ गारंटी ली बल्कि उसे चुकाने का भी जिम्मा लिया. लेकिन इसे कहां से चुकाया जाएगा, इसका कोई उल्लेख नहीं है. न ही इसके लिए विधानसभा से अनुमति ली गई है. कैग ने इसे वित्तीय अपराध माना है.
      
कैग ने कहा कि सरकार करीब 2700 करोड़ की वसूली नहीं कर पा रही है. इसमें से करीब एक हज़ार करोड़ रुपये बिजली के हैं. कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि महिलाओं के लिए राज्य सरकार काफी स्कीमें चला रही है लेकिन हकीकत में इन स्कीमों के लिए आवंटित राशि 1455 करोड़ में से केवल 880 करोड़ ही सरकार इस्तेमाल कर पाई.

VIDEO : NDTV के समाचार के बाद एक्शन में सरकार   
   
छत्तीसगढ़ के प्रधान महालेखाकार विजय कुमार मोहंती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को अपने वित्तीय प्रबंधन को कंट्रोल करने को कहा है. सरकार के वित्तीय हालात को विधानसभा के पटल पर रखने के बाद मोहंती मीडिया को संबोधित कर रहे थे. अपनी रिपोर्ट में उन्होंने ये भी बताया है कि सरकार करीब 20,000 करोड़ रुपये इस्तेमाल नहीं कर पाई, जो बजट का करीब 25 फ़ीसदी था. सरकार ने 2016-17 में 80000 करोड़ का बजट रखा था. जबकि खर्च केवल 60000 करोड़ ही कर पाई. मोहंती ने कहा कि ऐसे में बार-बार अनुपूरक बजट क्यों. कैग ने कहा है कि सरकार ने करीब 1465 करोड़ ज्यादा राजस्व सरप्लस दिखाया जबकि वास्तविक राज्य का वास्तविक रेवेन्यू सरप्लस 3864 करोड़ है.
( खोमेन्द्र देशमुख के इनपुट के साथ )


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