NDTV Khabar

कंप्यूटर बाबा ने संभाली नदी न्यास अध्यक्ष पद की कुर्सी, नर्मदा परिक्रमा के लिए की हेलीकॉप्टर की मांग

नामदेव दास त्यागी ऊर्फ कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा, क्षिप्रा एवं मन्दाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष की कुर्सी मंगलवार को संभाल ली. कुर्सी संभालते ही उन्होंने सबसे पहले नर्मदा परिक्रमा के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की. 

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
कंप्यूटर बाबा ने संभाली नदी न्यास अध्यक्ष पद की कुर्सी,  नर्मदा परिक्रमा के लिए की हेलीकॉप्टर की मांग

कम्प्यूटर बाबा (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कंप्यूटर बाबा ने संभाली नदी न्यास अध्यक्ष पद की कुर्सी
  2. नर्मदा परिक्रमा के लिए की हेलीकॉप्टर की मांग
  3. इस दौरान दिग्विजय सिंह भी थे मौजूद
भोपाल:

नामदेव दास त्यागी ऊर्फ कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा, क्षिप्रा एवं मन्दाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष की कुर्सी मंगलवार को संभाल ली. कुर्सी संभालते ही उन्होंने सबसे पहले नर्मदा परिक्रमा के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की. कंप्यूटर बाबा ने जब पदभार संभाला तो उनके एक तरफ धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा तो दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मौजूद थे. पद संभालने के बाद  कंप्यूटर बाबा   ने कहा, "अब जब मुझे ट्रस्ट का प्रमुख पद सौंपा गया है, तो मुझे मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नदी की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए नर्मदा नदी का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए जल्द से जल्द एक हेलीकॉप्टर चाहिए. हेलीकॉप्टर से मुझे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान नदी तट पर लगाए गए पेड़ों की स्थिति के साथ-साथ नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन के बारे में वास्तविक सच्चाई का पता लगाने में मदद करेगा."

बीजेपी ने जिस बाबा को मंत्री का दर्जा दिया था वह अब कह रहा 'बदल के रख दो चौकीदार'



बाबा ने यह भी बताया कि ट्रस्ट नर्मदा नदी के संरक्षण के साथ-साथ मंदाकिनी और क्षिप्रा नदियों के लिए काम करेगा, नदी को संरक्षित करने के लिए नदी किनारे के गांवों के युवा स्वयंसेवकों की नर्मदा युवा सेना का निर्माण करेगा और साथ ही आम लोगों को सक्षम बनाने के लिए एक टोल मां नर्मदा हेल्पलाइन शुरू करेगा, जहां नदी में खनन या किसी अन्य अवैध गतिविधि के बारे में शिकायत की जा सके.आपको बता दें कि कंप्यूटर बाबा उन पांच धर्म गुरूओं में शामिल थे, जिन्हें नर्मदा नदी संरक्षण के लिए काम करने सहित विभिन्न धार्मिक और पर्यावरणीय कारणों से शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा राज्य मंत्री (MoS) रैंक दी गई थी.

मध्य-प्रदेश में साधु-संतों का कांग्रेस को समर्थन, BJP पर बोले- जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं


हालांकि, ठीक पांच महीने बाद, सितंबर 2018 में, कंप्यूटर बाबा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाया कि उन्होंने नर्मदा के साथ विश्वासघात किया है. तब से स्वयंभू धर्मगुरु ने 2018 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का समर्थन और प्रचार किया. उन्होंने भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के लिए भी ज़ोर शोर से प्रचार किया, हठ योग किया, रोड शो निकाला ... ये और बात है कि बाबा के योग के बावजूद दिग्विजय बीजेपी उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर से 3.64 लाख से अधिक मतों से हार गए.

टिप्पणियां

VIDEO: शिवराज पर बरसे 'कम्प्यूटर बाबा'



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement