Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के प्रजापति विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, बीजेपी ने किया मार्च

बीजेपी को उसके विधायक कुंवर विजय शाह का नाम अध्यक्ष पद के लिए पेश करने की अनुमति प्रोटेम स्पीकर ने नहीं दी

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के प्रजापति विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, बीजेपी ने किया मार्च

विधानसभा से राजभवन के लिए मार्च करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, शिवराज सिंह और बीजेपी के अन्य विधायक.

खास बातें

  1. शिवराज सिंह ने की अध्यक्ष का निर्वाचन दुबारा कराने की मांग
  2. कहा- हमें प्रस्ताव तक नहीं रखने दिया, राज्यपाल इसे निरस्त करें
  3. दिग्विजय ने बीजेपी पर लगाया विधायक को 100 करोड़ का लालच देने का आरोप
भोपाल:

कांग्रेस विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति मंगलवार को मध्यप्रदेश की 15वीं विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए. विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव पेश न करने को लेकर मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने संदन से वॉकआउट कर दिया. बीजेपी के सारे विधायक पैदल मार्च करते हुए राजभवन गए, इस मांग के साथ कि अध्यक्ष का निर्वाचन दुबारा हो. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया.

मध्यप्रदेश की 15वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुनने मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने कांग्रेस विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति को अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद चार और विधायकों ने इसका समर्थन किया.

इसके बाद बीजेपी ने पार्टी विधायक कुंवर विजय शाह का नाम अध्यक्ष पद के लिए पेश करने की अनुमति मांगी, लेकिन प्रोटेम स्पीकर ने साफ कह दिया कि पहले प्रस्ताव का निराकरण होने के बाद इजाजत मिलेगी. बस सदन में हंगामा शुरू हो गया. बीजेपी के सदस्यों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया. सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनट के लिए स्थगित हुई.


यह भी पढ़ें  : मध्यप्रदेश में बीजेपी के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव बने नेता प्रतिपक्ष

 

f6ebbfng

 

तीसरी बार सदन शुरू होते ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे सदन का, आदिवासी का अपमान बताया और अपने साथियों के साथ सदन से बाहर चले गए. बीजेपी के तमाम विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा से राजभवन पहुंचे. वे मांग कर रहे थे कि अध्यक्ष दुबारा चुना जाए. शिवराज सिंह चौहान ने कहा  'हम आहत हैं इसलिए सड़क पर हैं, ये लोकतंत्र की हत्या है. हमें अपना प्रस्ताव तक नहीं रखने दिया. हम चाहते हैं राज्यपाल इसे निरस्त करें.'

यह भी पढ़ें :  एक फोटो के कारण मध्यप्रदेश सरकार उठाएगी 18 करोड़ रुपये का नुकसान

 

j36oa5j8

 

उधर इस हंगामे के बीच सदन में 120 विधायकों ने एनपी प्रजापति के नाम पर मुहर लगा दी. उधर कांग्रेस ने इस जीत के बाद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उनके विधायकों को खरीदने की पुरजोर कोशिश की. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह को माफी मांगना चाहिए. राज्यपाल से उन्होंने बहुमत की सरकार को अल्पमत के रूप में कहा है. महामहिम राज्यपाल की अवमानना की है. उसके बाद उन्होंने हमलावर अंदाज में बताया कि वैजनाथ कुशवाहा को 10 किलोमीटर दूर एक ढाबे पर ले जाया गया. बीजेपी के नेताओं ने बोला 100 करोड़ ले लो चार्टड प्लेन तैयार है मंत्री बनो.

VIDEO : बेकार हो गए संबल योजना के कार्ड  

टिप्पणियां

हालांकि कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस अपनी संख्या को लेकर आश्वास्त नहीं थी इसलिए बीजेपी के प्रस्ताव को पहले नामांकन के साथ नहीं रखा गया. बहरहाल इस चुनाव के साथ मध्यप्रदेश विधानसभा में 52 साल बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ. अब कांग्रेस के कुछ नेताओं की राय है कि विपक्ष को उपाध्यक्ष पद देने की परंपरा पर पार्टी को विराम लगाना चाहिए.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... यूपी: प्रिंसिपल ने छात्रों को बताए नकल करने के तरीके, कहा- आंसरशीट के अंदर 100 रुपये का नोट डाल देना और...

Advertisement