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याददाश्‍त खो चुके बुजुर्ग को सीएम हेल्‍पलाइन ने 5 साल बाद परिजनों से मिलाया

‘‘परिवार से बिछड़े पुडुचेरी निवासी डॉ. बैद्यनाथन मध्यप्रदेश के बैतूल में अकेले रह रहे थे. 11 दिसंबर को डॉ. बैद्यनाथन को उनके परिजन से मिलाने में सीएम हेल्पलाइन में एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत ने अहम भूमिका निभाई.’’

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याददाश्‍त खो चुके बुजुर्ग को सीएम हेल्‍पलाइन ने 5 साल बाद परिजनों से मिलाया

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को हल करने के लिए प्रारंभ की गई महत्वाकांक्षी ‘सीएम हेल्पलाइन’ ‘181 टोल फ्री’ सेवा ने पांच साल से परिवार से बिछड़े पुडुचेरी निवासी डॉ. बैद्यनाथन को उनके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई है. इस प्रकार सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों का समाधान का जरिया बनने के साथ ही सामाजिक सरोकार और दायित्‍वों के निर्वहन का भी सफल माध्‍यम बन रही है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘परिवार से बिछड़े पुडुचेरी निवासी डॉ. बैद्यनाथन मध्यप्रदेश के बैतूल में अकेले रह रहे थे. 11 दिसंबर को डॉ. बैद्यनाथन को उनके परिजन से मिलाने में सीएम हेल्पलाइन में एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत ने अहम भूमिका निभाई.’’

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इसमें कहा गया है कि इस साल जून में बैतूल के निवासी नरेन्द्र कुमार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की प्रविष्टि कराई गई. इसके अनुसार ग्राम उड़दन में संचालित शिशु गृह एवं वृद्धाश्रम में करीब पांच साल पहले एक व्यक्ति को लाया गया था, जो अपनी याददाश्त खो चुका है एवं उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है. वह स्वयं के बारे में भी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं. उक्त मामले की उचित जांच की जाए.

शिकायत विभिन्न स्तर से गुजरते हुए सीएम हेल्पलाइन के एल-3 स्तर के अफसर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के कार्यालय पहुंची. मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा वृद्धाश्रम पहु्ंचकर समूचे प्रकरण की छानबीन की गई तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि अपनी याददाश्त खो चुके डॉ. वैद्यनाथन तमिल एवं अंग्रेजी में कुछ अस्पष्ट बोलते हैं, जो समझ पाना आसान नहीं था, लेकिन उनके द्वारा लिखे कागजों में उनके पुडुचेरी का निवासी होने की जानकारी मिली. इस मामले में स्‍थानीय प्रशासन ने इंटरनेट के जरिये पुडुचेरी के सामाजिक संगठनों से संपर्क किया.

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इसके बाद एक सामाजिक संगठन ने पुडुचेरी की पुलिस अधीक्षक रचना सिंह का मोबाइल नंबर दिया, जिनसे संपर्क करने पर उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. वैद्यनाथन के परिजनों को अंतत: ढूंढ निकाला. विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘जब काफी दिनों से घर से लापता डॉ. वैद्यनाथन के बैतूल में होने की जानकारी परिजनों को मिली तो वे खुशी के साथ आश्चर्यचकित हो उठे. उनकी पत्नी राजलक्ष्मी, उनके भाई एवं भतीजे पुडुचेरी पुलिस के अधिकारी को लेकर 11 दिसंबर को बैतूल पहुंचे और डॉ. वैद्यनाथन से मिले.’’

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इस मामले में प्रमुख भूमिका निभा रहीं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शीला दाहिमा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय की मौजूदगी में आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर डॉ. वैद्यनाथन को उनके परिजन के साथ पुडुचेरी के लिए रवाना किया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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