NDTV Khabar

छत्तीसगढ़ में भी मिलेगा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण, CM भूपेश बघेल ने लिया फैसला

मं​त्रिमंडल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए छत्तीसगढ़ में लोक पदों और सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में सीटों का 10 प्रतिशत आरक्षण करने का निर्णय लिया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
छत्तीसगढ़ में भी मिलेगा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण, CM भूपेश बघेल ने लिया फैसला

जनसंख्यात्मक जानकारी एकत्रित करने के लिये एक आयोग का गठन किया जाएगा.

खास बातें

  1. केंद्र से विधेयक पारित होने के बाद से हो रही थी मांग
  2. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में किया लागू
  3. सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थाओं में रहेगा 10 फीसदी आरक्षण

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. केंद्र सरकार ने संसद में इस संबंध में विधेयक पारित किया था जिसके बाद से राज्य में भी सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की जा रही थी. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.अधिकारियों ने बताया कि मं​त्रिमंडल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए छत्तीसगढ़ में लोक पदों और सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में सीटों का 10 प्रतिशत आरक्षण करने का निर्णय लिया है.उन्होंने बताया कि इस संबंध में जनसंख्यात्मक जानकारी एकत्रित करने के लिये एक आयोग का गठन किया जाएगा.

EWS रिजर्वेशन पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आरक्षण आदर्श रूप से अवसर की समानता लाने के लिए


अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण) अधिनियम,1994 में संशोधन करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण) अधिनियम संशोधन अध्यादेश, 2019 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया. इसके तहत अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का अनुमोदन किया गया.

CTET 2019: आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण पर SC ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत करने तथा अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद सामान्य वर्ग ने राज्य में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की थी.

गोवा में नौकरियों और शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलेगा आरक्षण, लागू होगा EWS कोटा

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने राज्य के कोरबा, कटघोरा, धरमजयगढ़ और सरगुजा वनमंडल क्षेत्र के अंतर्गत 1995.48 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लेमरू हाथी रिजर्व गठित करने का निर्णय लिया है.  इसके अंतर्गत 142 गांव आएंगे. यह दुनिया में अपनी तरह का पहला एलीफेंट रिजर्व होगा जहां हाथियों का स्थायी ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवाजाही तथा इससे होने वाले जान-माल के नुकसान पर अंकुश लगेगा. वर्तमान में राज्य में कुल 237 हाथी हैं, जो सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर वन क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को इस साल आरक्षण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

टिप्पणियां

अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अबूझमाड़ अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला नारायणपुर, बीजापुर तथा दंतेवाड़ा के लगभग 275 से अधिक असर्वेक्षित ग्राम स्थित हैं. इन ग्रामों का कोई भी शासकीय अभिलेख तैयार नहीं है. मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि अबूझमाड़ क्षेत्र के असर्वेक्षित गांवों में वर्षों से निवासरत लगभग 50 हजार से अधिक लोगों को उनके कब्जे में धारित भूमि का मसाहती खसरा और नक्शा उपलब्ध कराया जाएगा. इससे किसान परिवारों के पास उनके कब्जे की भूमि का शासकीय अभिलेख उपलब्ध हो सकेगा तथा वे अपने काबिज भूमि का अंतरण कर सकेंगे. इस प्रकार अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत लगभग 10 हजार किसानों को 50 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि का स्वामित्व प्राप्त होगा.

VIDEO: आर्थिक आरक्षण पर फिलहाल रोक नहीं



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement