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मध्य प्रदेश के DGP का अजीब बयान, कहा- किडनैपिंग की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों की आजादी जिम्मेदार

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पास आखिरी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2016 में मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध और अपहरण के 6016 मामले सामने आए हैं.

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मध्य प्रदेश के DGP का अजीब बयान, कहा- किडनैपिंग की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों की आजादी जिम्मेदार

मध्य प्रदेश डीजीपी वीके सिंह

खास बातें

  1. किडनैपिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर दिया अजीब तर्क
  2. लड़कियों की आजादी को ठहराया जिम्मेदार
  3. डीजीपी के बयान की हो रही आलोचना
भोपाल:

महिलाओं के प्रति अपराध ख़ासकर अपहरण के मामलों में मध्यप्रदेश के डीजीपी वीके सिंह ने अजीब सा तर्क दिया है. उनका कहना है " एक नया ट्रेंड 363 के रूप में दिख रहा है, लड़कियां स्वतंत्र ज्यादा हो रही हैं, स्कूलों में कॉलेजों में जा रही हैं तो आज के समाज में बढ़ती स्वतंत्रता एक तथ्य है.  ऐसे में उनका जो सामना हो रहा है, इंटरेक्शन हो रहा है दूसरे लड़कों के साथ ये भी एक सच्चाई है. ऐसे मामलों में वृद्धि देखने को मिली है कि घर से चली जाती हैं फिर रिपोर्ट होती है किडनैपिंग की " डीजीपी का ये बयान ग्वालियर चंबल दौरे के दौरान आया है जब वो महिला संबंधी अपराधों पर जागरूकता के लिये तीन दिनों के संभाग के दौरे पर हैं.

पुलिस प्रमुख की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा, " अपराध नहीं बढ़ना चाहिये, पहले तो अपराध होना ही नहीं चाहिये. हमारी समीक्षा बैठक में, सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी गई कि यदि किसी थाना क्षेत्र में कोई घटना होती है तो वहां के छोटे कर्मी से लेकर बड़े अधिकारी तक ज़िम्मेदार होंगे. हम कसावट करने में लगे हैं हम सब मध्यप्रदेश की जनता की हिफाजत और सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं." ये बयान तब आया है जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आठ साल की एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया है. 


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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पास आखिरी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2016 में मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध और अपहरण के 6016 मामले सामने आए हैं. बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने इस "गैर जिम्मेदाराना बयान" के लिए डीजीपी को नसीहत देते हुए कहा है "उन्हें इस तरह के सामान्य और गैर जिम्मेदाराना बयानों से बचना चाहिए. वह राज्य पुलिस के प्रमुख हैं. राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहा है, पुलिस उसे रोकने में नाकाम है, ऐसे में उन्हें इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि अपहरण और अपराध को कैसे रोका जाए.

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बता दें हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए 800 करोड़ के केंद्रीय अनुदान की मांग की है. मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल की प्रमुख शोभा ओझा ने कहा "मुझे नहीं पता कि उनके बयान का क्या मतलब है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने हमेशा महिलाओं के खिलाफ अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस की बात कही है, इसलिए प्रशासन को भी उसी मानसिकता की प्रतिध्वनित करना चाहिए."



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