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मिलावटी दूध बेचने के लिए अब ग्वालियर के कारोबारी पर लगाई गई रासुका, पहुंचा जेल

मध्यप्रदेश सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ 19 जुलाई से समूचे प्रदेश में अभियान चला रही है.

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मिलावटी दूध बेचने के लिए अब ग्वालियर के कारोबारी पर लगाई गई रासुका, पहुंचा जेल

मध्य प्रदेश पुलिस ने 1 अगस्त को एक उज्जैन के व्यापारी को मिलावट के जुर्म में पकड़ा था.

भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार ने इन दिनों मिलावटखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और दोषी पाए जा रहे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है. पिछले तीन दिन में लगातार दूसरे कारोबारी को इस कानून के तहत सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.  पुलिस ने ग्वालियर जिले के कारोबारी उम्मेद सिंह रावत को कथित रूप से मिलावटी दूध बेचने के लिए गिरफ्तार किया है.  इससे पहले पहली अगस्त को उज्जैन जिले के श्री कृष्ण उद्योग और बेकरी के मालिक कीर्ति केलकर को रासुका के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. 

ग्वालियर के जिलाधिकारी अनुराग चौधरी ने भाषा को बताया कि ग्वालियर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित मोहना के दूध कारोबारी उम्मेद सिंह रावत को मिलावटी दूध बेचने के मामले में रासुका के तहत गिरफ्तार कर शुक्रवार सुबह जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि पिछले महीने 24 और 25 जुलाई को उम्मेद सिंह की दुकान पर छापा मारा गया था और वहां से बहुत बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध बरामद किया गया था. उसकी दुकान से कई प्रकार के घातक कैमिकल भी मिले थे, जिनसे मिलावटी दूध बनाया जा रहा था.चौधरी ने बताया कि करीब दो दिन पहले भी उम्मेद सिंह की दुकान पर कास्टिक सोडा से बना मिलावटी दूध मिला था, लेकिन तब उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी.

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गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ 19 जुलाई से समूचे प्रदेश में अभियान चला रही है. सरकार ने दूध, डेयरी और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा था कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर मिलावटखोरी का यह कारोबार करने वाले लोगों की खिलाफ अब प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था, "खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले लोग या तो मध्यप्रदेश छोड़ दें या जेल की सलाखों के पीछे जाने को तैयार रहें. मिलावट रोकने के लिये हमने राज्य सरकार के संबंधित कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जिसके तहत प्रावधानों को सख्त बनाया जायेगा." 

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 नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रविन्द्र सिंह ने बताया कि इस अभियान में दो अगस्त तक विभिन्न खाद्य पदार्थों के 1608 नमूने लिये गये हैं. राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा नमूनों का विश्लेषण किया जा रहा है. प्रयोगशाला द्वारा दो अगस्त को ज़ारी की गई 43 नमूनों की जाँच रिपोर्ट में से छह नमूने नकली ब्रांड के, 6 नमूने अवमानक और 31 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए. (इनपुट-भाषा)

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