NDTV Khabar

मध्य प्रदेश : स्मार्ट सिटी के नाम पर भोपाल के ‘दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय’ पर हथौड़ा

हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,  सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिये... दुष्यंत की कई पंक्तियां सड़क से संसद तक गूंजती हैं, लेकिन उनकी याद को सहेजना कोई नहीं चाहता.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मध्य प्रदेश  : स्मार्ट सिटी के नाम पर भोपाल के ‘दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय’ पर हथौड़ा

खास बातें

  1. ‘दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय’ पर हथौड़ा
  2. स्मार्ट सिटी के नाम पर चल रहा है हथौड़ा
  3. सरकारी घर में पिछले तेरह साल में उस कवि की यादें रखी हैं
भोपाल:
टिप्पणियां

हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,  सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिये... दुष्यंत की कई पंक्तियां सड़क से संसद तक गूंजती हैं, लेकिन उनकी याद को सहेजना कोई नहीं चाहता. बिजनौर में जन्मे दुष्यंत हैं तो पूरे देश दुनिया के लेकिन भोपाल से उनका कुछ खास रिश्ता था, यादें थीं...जिन्हें भोपाल के दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय में संभाला गया. उन यादों में शानी का टाइपराइटर है, तो टेगौर के खत. लेकिन स्मार्ट सिटी के नाम पर इनपर हथौड़ा चलने लगा है. शिवराज सिंह के आश्वासन के बाद भी संग्रहालय को नयी जगह मिली नहीं और पुराने ठिकाने को तोड़ा जाने लगा है. संग्रहालय तक जाने के रास्ते भी बंद कर दिये गये हैं. ऐसे में संग्रहालय से जुड़े लोग अब आंदोलन की राह पर हैं. 
 

3dhr32rg

यह भी पढ़ें: NDTV से बोले शिवराज सिंह चौहान- मैं मध्य प्रदेश का मामा हूं, कांग्रेस की एकता से कोई फर्क नहीं
 
qnnio17o

भोपाल के टीटी नगर इलाके में इस सरकारी घर में पिछले तेरह साल में उस कवि की यादें रखी हैं, जिनकी नज़र उनके युग की नई पीढ़ी के गुस्से और नाराज़गी से सजी थी. लेकिन इस नजऱ पर अब यहां बन रही स्मार्ट सिटी की नज़र है. संस्थान के संस्थापक राजुरकर राज बताते हैं " मार्च 2017 में नोटिस मिला उसी वक्त सरकार को विकल्प सुझाए, फिर कार्रवाई चलती रही पिछले अगस्त में घर चुपचाप तोड़ दिया गया फिर आवाज़ उठाई संग्रहालय को बचाने की आवाज़ उठाई तो समन्व्य भवन में घोषणा की थी संग्रहालय के लिये भव्य भवन तैयार होगा जबतक नहीं होता कोई विकल्प दिया जाएगा साल भर होने के बाद कोई विकल्प नहीं दिया, पौने चार लाख रिकवरी भेजा मार्च में जमा कर दिया, चार महीने बाद कुछ नहीं मिला .परसों संग्रहालय की दीवार तोड़ दी जिसमें कुछ सामान दब गया, कर्मचारी नहीं पहुंचता तो अनमोल धरोहर दब जाती. "
 
jhet2eno
    
यह भी पढ़ें: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साधा निशाना, खुद को ‘पिछड़े’ के रूप में प्रचारित न करें शिवराज

इस संग्रहालय में कवियों के हाथ से लिखे खत, पांडुलिपी, साज़ो सामान रखे हुए हैं. संस्थान की कार्यकारी अध्यक्ष ममता तिवारी कहती हैं, बहुत संभाल कर रखी तो पाएमाल हुई. सड़क पर फेंक दी जिंदगी तो निहाल हुई यहां पर फेंक कर रखी हैं, आप देख सकते हैं ये काका हाथरसी का टाइपराइटर है. गुलाबरायजी का कुर्ता. कहां कहां से चीजें इकठ्ठा की है, निराला के हाथों की छाप है, बच्चन की हैं. लोग दुष्यंत को सिर्फ पढ़ते हैं 'सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं लेकिन उनकी विरासत को चोट पहुंचा रहे हैं, ये खत हैं पांडुलिपियां हैं जैसे तोड़फोड़ कर रहे हैं लगता है टेंट लगाकर रखना पड़ेगा.सरकार को जब हमने कहानी बताई तो सहकारिता मंत्री ने फौरन स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से बात कर किराये से भवन लेने का नया प्रस्ताव दे दिया.
       
VIDEO: दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय पर हथौड़ा
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "मैं खुद गया था वहां, मुख्यमंत्रीजी ने संज्ञान लेकर कहा था उन्हें जगह मिलेगी, अभी आपने कहा वो टूट रहा है वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई है. मैंने बात की है स्मार्ट सिटी से या तो वो सरकारी जगह देख रहे हैं, अगर वो निजी जगह लेते हैं तो उसका किराया सरकार भरेगी. बाद में स्मार्ट सिटी में एक विंग दे रहे हैं जहां ये और अच्छे तरीके से चलेगा. हालांकि संग्रहालय से जुड़े लोग इन सरकारी आश्वासनों से आजिज आ गये हैं, उनका कहना है कि 15 दिन में कुछ नहीं हुआ तो पंद्रह अगस्त से संग्रहालय के सामने ही टेंट लगाकर धरना दिया जाएगा.




NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement